संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ढांड क्षेत्र में नाबालिग लड़की से शादी के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है। आरोपी युवक मोनू ने पहले जींद रोड स्थित अस्पताल के पास फोटो स्टेट की दुकान चलाने वाली महिला सुमन से दोस्ती की थी।
इसी जान-पहचान के चलते सुमन ने ही आधार केंद्र संचालक व पार्षद प्रतिनिधि वीरेंद्र उर्फ विक्की धीमान से मोनू की पहचान करवाई, जिसके बाद नाबालिग लड़की का आधार कार्ड बनवाया गया और उसमें जन्मतिथि बढ़ाई गई।
जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक मोनू शादी के बाद अपने दस्तावेजों की फोटो कॉपी करवाने के लिए सुमन की दुकान पर गया था। वहीं से दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और मोनू को नाबालिग की उम्र बढ़ाकर नया आधार कार्ड बनवाने का आइडिया मिला। इसके बाद सुमन ही मोनू को विक्की धीमान के पास लेकर गई, जो नगर परिषद कार्यालय में आधार केंद्र संचालित करता है।
फर्जी दस्तावेज का खुलासा तब हुआ, जब हाईकोर्ट से नाबालिग के परिजनों को सुरक्षा संबंधी नोटिस मिला। तब उन्हें अपनी बेटी की शादी और जन्मतिथि में हेरफेर कर बनाए गए फर्जी आधार कार्ड की जानकारी हुई।
डीएसपी मुख्यालय वीरभान के अनुसार, नाबालिग के परिजनों ने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी नाबालिग है और उसकी शादी फर्जी दस्तावेजों के जरिए कराई गई है। पुलिस ने मामले में आरोपी वीरेंद्र उर्फ विक्की, सुमन और युवक मोनू को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया है। नाबालिग को करनाल स्थित नारी निकेतन में भेजा गया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि विक्की ने पैसे लेकर नाबालिग की मार्कशीट और आधार कार्ड में जन्मतिथि से छेड़छाड़ की थी। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।