कैथल। प्रदेश सरकार की ओर से गत 17 जनवरी को पूरे प्रदेश के 370 पटवारियों की संदिग्ध सूची वायरल होने के बाद से पटवारियों से संबंधित काम प्रभावित हो रहे हैं। बता दें कि पटवारियों ने करीब 20 दिन से अतिरिक्त सर्कल कार्य छोड़ रखा है। पटवारियों की ओर से यह अतिरिक्त सर्कल का काम छोड़ने से फरियादियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अपने रोष प्रदर्शन के कार्यक्रम के तहत जिले में पटवारियों ने करीब 100 गांवों का अतिरिक्त काम बंद कर रखा है। इन गांव में रेवेन्यू रिकॉर्ड नहीं मिलने से रजिस्ट्री भी होना बंद हो गई हैं। साथ ही पटवारियों के माध्यम से होने वाले नकल, इंतकाल और निवासीय प्रमाण पत्र के कार्य अटक गए हैं। जिले में करीब 50 पटवारियों का अतिरिक्त कार्यभार दूसरे पटवारियों पर था।
पिछले करीब 10 दिन से पटवारियों ने अतिरिक्त काम करना छोड़ रखा है। ऐसे में पूरे जिले में करीब 300 से अधिक रजििस्ट्रयों काम अधर में लटका हुआ है। फसलों की गिरदावरी का काम पांच फरवरी से पांच मार्च तक होना है, ऐसे में पटवारियों के विरोध के चलते प्रशासन व सरकार को दूसरा निर्णय लेना पड़ सकता है।
बता दें कि इस संदिग्ध सूची में सबसे अधिक कैथल जिले के 46 पटवारियों का नाम शामिल है। ऐसे में इन पटवारियों में काफी रोष है। वहीं, कैथल शहर में पार्क रोड पर बने पटवार भवन में 25 पटवारी कार्यरत हैं लेकिन इसमें से महज 20 के करीब पटवारी की काम पर पहुंच रहे हैं। पटवारियों ने रोष स्वरूप वीरवार को भी काली पट्टी बांधकर काम किया। वहीं, पटवारियों के इस रोष प्रदर्शन के कार्यक्रम के तहत रजिस्टि्रयों से लेकर इंतकाल दर्ज करने से संबंधित काम ठप हैं।
यह बोले फरियादी
पटवार भवन में पहुंचे फरियादी रोबिन ने बताया कि उसे एक इंतकाल दर्ज करवाना है, लेकिन जिस गांव में इंतकाल दर्ज होना है। यहां आकर पता चला कि इस गांव का कार्य भी पटवारी ने बंद कर रखा है। क्योंकि यह गांव पटवारी के अतिरिक्त सर्कल के अधीन आता है। अब जब तक सरकार की ओर से पटवारियों को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया जाता। तब तक उसका काम भी नहीं हो पाएगा।
आज रोहतक में होनी है राज्य स्तरीय बैठक-द कानूनगो और पटवार एसोसिएशन के जिला प्रधान दलबीर सिंह ने बताया कि पटवारियों की ओर से 31 जनवरी तक सरकार के विरोध स्वरूप काले बिल्ले लगाने का फैसला लिया था। अब शनिवार को पटवारियों की रोहतक में राज्य स्तरीय बैठक होनी है। इस बैठक में कार्यकारिणी को जो आगामी निर्णय लिया था। इसके तहत ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक पूर्ण रूप से सरकार जारी की गई सूची को वापस नहीं लेती है, तब तक जिले के करीब 100 गांव में पटवारियों से संबंधित अतिरिक्त काम नहीं किया जाएगा।