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Kaithal News: अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मनोज कुमार ने खेल को कहा अलविदा

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राजिंद्र तंवर
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कैथल। किसी भी खिलाड़ी के लिए संन्यास लेना एक बेहद भावुक क्षण होता है। अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मनोज कुमार के लिए भी यह सफर केवल एक करिअर नहीं, बल्कि एक सपना था, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत, संघर्ष और समर्पण से पूरा किया। उनके कोच राजेश कुमार राजौंद ने इस सफर में न केवल उनका मार्गदर्शन किया, बल्कि हर कठिनाई को पार करने में उनका साथ दिया। बता दें कि वीरवार दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर एक मेल के माध्यम से बॉक्सर मनोज कुमार ने सार्वजनिक रूप से खेल से संन्यास लेने की घोषणा की।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

एक किसान और सेना के जवान के बेटे होने के नाते, मनोज कुमार ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को ऊंचाइयों तक पहुंचाया। गरीबी कभी उनकी राह में बाधा नहीं बनी, बल्कि उन्होंने इसे अपनी प्रेरणा बना लिया।
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उनके कोच राजेश कुमार राजौंद का एक ही लक्ष्य था, मनोज को ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता बनाना। बॉक्सिंग के प्रति उनकी अटूट निष्ठा और अनुशासन ने उन्हें विश्व मंच तक पहुंचाया। उन्होंने अपने कड़े अभ्यास, मानसिक दृढ़ता और अदम्य साहस से भारत को गौरवान्वित किया। मनोज कुमार का मानना है कि लगन, दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन ही किसी भी एथलीट की सफलता की कुंजी है।

खेल को समर्पित जीवन और भावुक विदाई

अपने करियर के दौरान मिले सबक साझा करते हुए, मनोज कुमार ने युवा मुक्केबाजों को कड़ी मेहनत और समर्पण का महत्व समझाया। उन्होंने संन्यास से पहले मनोज कुमार बॉक्सिंग अकादमी की स्थापना की जिससे अपने अनुभवों को अगली पीढ़ी तक पहुंचा सकें और नए मुक्केबाजों को विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन करने के लिए तैयार कर सकें।
संन्यास के इस अवसर पर, मनोज ने अपने कोच राजेश कुमार राजौंद, अपने भाई और बॉक्सिंग पार्टनर मुकेश कुमार, अपने परिवार, भारतीय रेलवे, बॉक्सिंग फेडरेशन और उन सभी कोचों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके सफर में योगदान दिया। उन्होंने अपने विरोधियों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उन्हें और बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया।
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कोच राजेश कुमार राजौंद की प्रतिक्रिया

मनोज के संन्यास पर उनके गुरु राजेश कुमार राजौंद ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने न केवल भारत, बल्कि विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने खेल जगत पर अमिट छाप छोड़ी। मनोज की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

मनोज कुमार की प्रमुख उपलब्धियां, पुरस्कार और सम्मान

अर्जुन अवार्ड (2014) - भारत सरकार द्वारा

भीम अवार्ड (2018) - हरियाणा सरकार द्वारा


ओलंपिक प्रदर्शन

लंदन ओलंपिक (2012) - प्री-क्वार्टर फाइनलिस्ट
रियो ओलंपिक (2016) - प्री-क्वार्टर फाइनलिस्ट
अन्य प्रमुख टूर्नामेंट और पदक-

राष्ट्रमंडल खेल (2010) - स्वर्ण पदक

दक्षिण एशियाई खेल (2016) - स्वर्ण पदक

राष्ट्रमंडल खेल (2018) - कांस्य पदक

वल्र्ड ओलंपिक क्वालिफाइंग चैंपियनशिप (2016) - कांस्य पदक

ग्रैंड प्रिक्स यूरोपियन बॉक्सिंग टूर्नामेंट

दोहा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट (2015)

सीनियर राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप (2016-2017)

सीनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप (2007, 2013)


अन्य उपलब्धियां

2012-2015 तक विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर रहे

2018 में भारत के सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज घोषित हुए

ऑल इंडिया इंटर रेलवे बॉक्सिंग चैंपियनशिप में तीन बार सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज रहे

2010 में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के स्पोट्र्स स्पेशल एपिसोड में भाग लिया
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