कैथल। होली पर्व को लेकर बड़ी मात्रा में मिठाइयां बननी शुरू हो गई है। जिसके चलते मिठाइयों में मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। उधर, खाद्य निरीक्षण का कार्यालय महज सैंपल लेने की कार्रवाई तक ही सीमित है। जिले में पिछले साल लिए गए सैंपल के मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई चींटी की चाल से चल रही है।
वर्ष 2022 की जनवरी से लेकर फरवरी 2023 तक टीम की ओर से जिले में 189 सैंपल लिए गए। इसमें 172 सैंपल वर्ष 2022 के हैं। जबकि 17 सैंपल 2023 के दो महीनों के हैं। 189 में से 20 सैंपलों की रिपोर्ट फेल आई है। इसमें सबसे अधिक पनीर के सैंपल फेल हैं। वहीं, गुणवत्ता अधिक खराब होने के कारण महज पनीर के तीन सैंपल पर ही कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई भी अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय तक सीमित हैं।
यह सैंपल मिले फेल-
खाद्य पदार्थ - फेल सैंपल की संख्या
पनीर - चार
दूध - दो
घी - तीन
क्रीम - एक
पान मसाला - दो
कैचअप - एक
हल्दी - एक
नमक - दो
काजू - एक
आइसक्रीम - दो
मिलावटखोरों के केस अभी लंबित
जिला खाद्य निरीक्षक की तरफ से लिए गए सैंपलों में तीन प्रकार से सैंपल मिलते हैं। इसमें सब स्टैंडर्ड, जो कम नुकसान देने वाले। मिस सब स्टैंडर्ड, यह अधिक नुकसान पहुंचाने वाले और अनसेफ, जो खाने लायक ही नहीं होते हैं। जिला खाद्य निरीक्षक डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि लोगों की सेहत का ख्याल रखते हुए 2022 की जनवरी से लेकर फरवरी तक कुल 189 सैंपल लिए थे। इसमें से 20 सैंपल फेल मिले हैं। इसके बाद संबंधित दुकानदारों को नोटिस दिए गए हैं। जबकि तीन मामलों में अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में केस लंबित हैं। पर्व को लेकर टीम की मिलावटखोरों पर कड़ी नजर है। यदि कोई नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। संवाद