संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ऋण की किस्त जमा ना कराने के एक मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में इकोनॉमिक सेल पुलिस के एएसआई जयबीर सिंह की टीम ने जांच करते हुए दशमेश नगर पटियाला पंजाब निवासी आरोपी हरजीत सिंह को गिरफ्तार किया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इंडसइंड बैंक के शाखा प्रबंधक बिट्टू की शिकायत थी कि उनकी कंपनी बैंक इंडसइंड लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। कंपनी को इंडसइंड बैंक ने अपने बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के रूप में नियुक्त किया है। कंपनी ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में महिलाओं को लोन देकर उनको सहायता प्रदान करती है और इसके फील्ड ऑफिसर महिलाओं को लोन देने व किस्तों के कलेक्शन का कार्य करते हैं।
आरोपी गुरपिंदर सिंह व हरजीत सिंह उनकी कंपनी में फील्ड ऑफिसर का कार्य करते थे। आरोपियों ने शहर व कुछ गांवों में स्वयं सहायता समूह चलाने वाली महिलाओं को लोन जारी किए हुए थे। आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए महिलाओं से झूठ बोलकर बड़ा लोन देने का झांसा देकर कुछ महिलाओं से जो लोन चल रहा था, उसके एक साथ सारे पैसे नकद ले लिए और कुछ महिलाओं से किस्त के पैसे लेकर शाखा में जमा नहीं कराए। जब उसने आरोपी कर्मचारियों की व ऋण लेने वाली महिला से बैठक की तो कुछ महिला सदस्यों ने कहा कि हमारा बड़ा लोन कब आएगा।
इस पर उसे शक हुआ और आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि राशि को गबन किया गया है। दोनों आरोपियों ने 7 लाख 42 हजार 366 कंपनी के पास जमा नहीं करवाए। गुरपिंदर सिंह ने 6 लाख 72 हजार 645 रुपये व हरजीत सिंह ने 69 हजार 721 रुपये का गबन किया। जब इस संबंध में आरोपियों से संपर्क किया तो वे रुपये देने से मना कर गए। ऐसा करके आरोपियों ने धोखाधड़ी व अमानत में खयानत की है।
थाना शहर में यह मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोपी हरजीत के कब्जे से चार हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। मामले में एक आरोपी गुरपिंदर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी मंगलवार को अदालत के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।