कलायत। शारदीय नवरात्र में दुर्गाष्टमी और कन्या पूजन की तारीख के लिए लोगों में असमंजस बना हुआ है। पंडित विशाल शांडिल्य के अनुसार, उदया तिथि की गणना के आधार पर 19 अक्तूबर को महाअष्टमी और महानवमी मनाई जाएगी। पंडित शांडिल्य ने बताया कि हिंदू पंचांग में तिथियों की गणना सूर्योदय के आधार पर भी की जाती है। तिथि और अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख में अंतर होने के कारण कभी एक तिथि दो दिन तक रहती है तो कभी दो तिथियां एक ही दिन पड़ जाती हैं। इस बार भी इसी वजह से श्रद्धालुओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी है।
18 को शुरू होगी अष्टमी तिथि
पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि सप्तमी तिथि 17 अक्तूबर को सुबह शुरू हुई और 18 अक्तूबर को सुबह 8 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी, जो 19 अक्तूबर को सुबह करीब 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी। इस कारण 19 अक्तूबर को महाअष्टमी और महानवमी दोनों मनाई जाएंगी।
20 अक्तूबर को दशहरा
पंडित शांडिल्य के अनुसार, नवमी तिथि 20 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी। इस प्रकार नवमी और दशहरा एक ही दिन पड़ेंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से पंचांग के अनुसार तिथि और पूजा का समय देखकर धार्मिक अनुष्ठान करने की अपील की।