संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला परिषद में गांवों में सफाई के नाम पर आई सात करोड़ रुपये की राशि में भ्रष्टाचार करने के मामले में एक दिन पहले ही एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रिकवरी के लिए पंजाब, दिल्ली और यूपी में दबिश दी थी।
इसके बाद एसीबी ने अब तक गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों से 50 लाख रुपये से अधिक राशि की रिकवरी कर ली है। शुक्रवार को इन सात आरोपियों को रिमांड खत्म होने के बाद न्यायालय में पेश किया गया। जहां उन्हें अब 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यहां से की रिकवरी ः एसीबी ने सात आरोपियों से उनके ठिकानों पर दबिश देते हुए कैथल के करनाल रोड, कुतुबपुर, पूंडरी और जींद से रिकवरी की है।
जिला परिषद में हुआ सफाई घोटाला
यह है मामला ः वर्ष 2021 की जनवरी में कोरोना महामारी से बचाव के लिए सरकार ने जिला परिषद के माध्यम से गांवों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 10.16 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी। उस समय पंचायत चुनाव के नजदीक होने के चलते जिला परिषद में प्रशासक लगा हुआ था। इसी समय में 10.16 करोड़ रुपये में करीब सात करोड़ रुपये का गबन 15 आरोपियों ने मिलकर किया था। इस गबन को लेकर कई राजनेताओं व जिला पार्षदों ने प्रमुखता से आवाज उठाई थी। इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने सभी दस्तावेजों को एकत्रित करते हुए अब कार्रवाई की है। 10 करोड़ रुपये की राशि में महज 30 प्रतिशत तक के ही कार्य करवाए गए थे। अब तक एसीबी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 151 पंचायतों में किए गबन के तहत प्रत्येक गांव में नौ लाख 9999 हजार रुपये तक के फर्जी बिल बनाए थे। इसमें राजौंद खंड के छोटे से गांव फरियाबाद में आरोपी अधिकारी व ठेकेदार ने मिलकर मिट्टी के 1300 डंपर, 180 जेसीबी और एक हजार ट्रैक्टर-ट्रालियों से फर्जी काम को दिखाया गया है। जबकि यहां की आबादी ही महत 800 ग्रामीणों की है।