लोक निर्माण विभाग में आयोजित पत्रकार वार्ता में संबोधित करतीं महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिय
कैथल। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने गानों और सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा के प्रयोग की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने के साथ-साथ इस तरह की सामग्री को बढ़ावा देना गलत मानसिकता को दर्शाता है।
केवल माफी मांगना पर्याप्त नहीं है, समाज को इसके खिलाफ खड़ा होना होगा। वह बुधवार को लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में बोल रही थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सोशल मीडिया, रील्स और गानों पर निगरानी के लिए विशेष तंत्र बनाने की सिफारिश की गई है।
उन्होंने सुझाव दिया कि फिल्मों की तरह डिजिटल कंटेंट पर भी सेंसरशिप लागू की जाए और राज्य स्तर पर कमेटी या अधिकारी नियुक्त किए जाएं, जो आपत्तिजनक सामग्री पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर, प्रोटेक्शन ऑफिसर सुनीता शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें लोकसभा व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में सराहनीय पहल है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं में परिवार और समाज को जोड़ने की विशेष क्षमता होती है, जिसका उपयोग अब वे राजनीति और राष्ट्र निर्माण में बेहतर तरीके से कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं के नेतृत्व को मजबूत करेगा और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा। इससे नीति निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित होगी और लोकतंत्र अधिक समावेशी बनेगा। संवाद