कलायत। नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के दावों के बीच शुक्रवार को नगरपालिका कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच गहन मंथन हुआ। बैठक की अध्यक्षता नगरपालिका प्रधान अंकित जैलदार ने की जबकि मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी दिव्याता ने विशेष रूप से शिरकत कर सफाई व्यवस्था का बारीकी से फीडबैक लिया। बैठक का मुख्य केंद्र आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियां और शहर की वर्तमान सफाई स्थिति रही।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी दिव्याता ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक फाइलों में चाहे कितने भी दावे किए जाएं वास्तविक सफलता तब है जब शहर का आम नागरिक अपने गली-मोहल्ले में सुधार महसूस करे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोर्स सेग्रिगेशन (गीले और सूखे कूड़े का वर्गीकरण) को प्राथमिकता दी जाए ताकि वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
वार्डों की समस्याओं पर चर्चा और नंबर-1 का संकल्प
बैठक के दूसरे चरण में वार्ड पार्षदों ने धरातल की समस्याओं को प्रमुखता से रखा जिसमें सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति और संसाधनों की कमी जैसे मुद्दे शामिल थे। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी ने पार्षदों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करें और जनता को जागरूक करने में प्रशासन का सहयोग दें। पार्षद कुमारी रेणू धानियां ने मुख्यमंत्री सुशासन सहयोग दिव्यता के समक्ष सफाई व्यवस्था से जुड़े अहम विषय रखे। इसी तरह से अलग अलग वार्ड पार्षदों ने सुझाव व सुधार को लेकर अपने पक्ष रखे। नगरपालिका प्रधान अंकित जैलदार ने प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि कलायत को स्वच्छता सर्वेक्षण में अग्रणी पायदान पर लाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सफाई कर्मचारियों की हाजिरी और संसाधनों की उपलब्धता पर पैनी नजर रखने के कड़े निर्देश दिए। इस अवसर पर अकाउंटेंट सचिन गिल, सफाई दरोगा सोम प्रकाश शर्मा, पार्षद कुमारी रेणु धानियां, पार्षद रवींद्र बंटी शर्मा, पार्षद प्रदीप राणा, पार्षद प्रीत जगदेवा उपस्थित रहे।