कैथल। शहर व आस-पास के नेट हाउस में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई की मांग के लिए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। पिछले दिनों आए आंधी तूफान से शहर सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम किसानों के नेट हाउस टूट गए थे और फसल का भी काफी नुकसान हुआ था।
धान की खेती को कम करने में नेट हाउस फार्मिंग, जो सब्जी की खेती है व उसका बड़ा योगदान है जिससे पानी की बचत होती है। सरकार भी इस पर जोर दे रही है कि किसान धान की फसल को छोड़कर दूसरे विकल्प ढूंढे, लेकिन किसान की रह आसान नहीं है। प्राकृतिक आपदा का कहर किसान को ही सबसे ज्यादा प्रभावित करता है।
ज्ञापन देने कैथल के आस-पास के दुब्बल, क्योड़क, टीक, पाडला, डोहर से आए, जिसमें बलकार आर्य, प्रवीण आर्य, सोनू, कुलदीप पहलवान, होशियार सिंह, वकील सिंह व अन्य किसान मौजूद रहे। संवाद