34-कैथल। रगंदारी मामले में गिरफ्तार दो आरोपी व एसपी के साथ एकत्रित सीआईए 01 की टीम।
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कैथल। बीती नौ जून को सब्जी मंडी के एक आढ़ती से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले का पुलिस ने पटाक्षेप करते हुए उसके पड़ोसी व नौकर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि आरोपी पड़ोसी ने अपना कर्ज उतारने के लिए नौकर के साथ मिलकर यह साजिश रची थी। उसने आढ़ती के घर कारतूस के साथ चिट्ठी फेंककर 20 लाख रुपये रंगदारी मांगी थी। पुलिस के मुताबिक, दिलचस्प बात यह भी है कि पकड़ा गया आरोपी खुद वर्ष 2014 में 20 लाख रुपये की रंगदारी दे चुका है। पुलिस शनिवार को दोनों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेगी।
गौरतलब है कि गत नौ जून को सब्जी मंडी के आढ़ती दर्शन के घर पर चिट्ठी के साथ कारतूस भेजकर 20 लाख रुपये रंगदारी मांगी। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी ने मामले की जांच सीआईए-1 को सौंपी थी। इस मामले का खुलासा करते हुए एसपी मकसूद अहमद ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में गोबिंद कॉलोनी निवासी आरोप पुष्पेंद्र व उसके नौकर डोगरा गेट निवासी जगदीश को गिरफ्तार किया है।
जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी कैमरे के अहम सुराग मिले। पुलिस के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी पुष्पेंद्र के घर से मोटरसाइकिल और कारतूस बरामद किया। उसने करीब 10 दिन पहले इसकी योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पुष्पेंद्र ने स्वीकार किया कि उसका कामकाज बेहतर ढंग से नहीं चल रहा था और उसे पैसे की काफी देनदारी हो गई थी। तब उसने अपने नौकर जगदीश के साथ यह योजना बनाई और पड़ोसी दर्शन के घर चिट्ठी भेजकर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। यदि उसे ये रुपये मिल जाते तो वह अपना कर्ज उतार देता।
एसपी मकसूद अहमद ने यह भी बताया कि पुष्पेंद्र सिंह बिजनेसमैन था। 2014 में उसका काम अच्छा चल रहा था। पूछताछ में आरोपी पुष्पेंद्र ने बताया कि 2014 में चिट्ठी और कारतूस भेजकर किसी ने 20 लाख रुपये ही रंगदारी मांगी थी। उस समय उसने पुलिस से मामले की शिकायत न कर रकम दे दी थी। इसके बाद से वह आर्थिक दिक्कतों में फंसता गया।