कैथल। ढांड थाना पुलिस ने फर्जी वसीयत तैयार कर उसे अदालत में पेश करने के आरोप में तीन नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मृतक की संपत्ति पर कब्जा करने और उसकी मां को कानूनी हिस्से से वंचित करने के उद्देश्य से फर्जी वसीयत तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की गई।
पुलिस को दी शिकायत में गांव पबनावा निवासी राजबाला ने बताया कि उसके पुत्र रमेश कुमार की 10 सितंबर 2024 को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उसके बेटे की कैथल और कुरुक्षेत्र में कृषि भूमि व अन्य संपत्ति थी। उनकी मौत के बाद जब विरासत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हुई तो उनकी पत्नी सुषमा रानी ने पहले विरासत पर रोक लगाने का आवेदन दिया लेकिन उस समय किसी वसीयत का कोई उल्लेख नहीं किया। शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में सहायक कलेक्टर प्रथम श्रेणी-सह-एसडीएम कैथल की अदालत में चल रही विरासत संबंधी कार्यवाही के दौरान 29 मई 2026 को पहली बार 24 जुलाई 2024 की वसीयत पेश की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह वसीयत पूरी तरह फर्जी, मनगढ़ंत और बाद में तैयार की गई है, ताकि शिकायतकर्ता को उसके वैधानिक अधिकार से वंचित किया जा सके।
राजबाला ने आरोप लगाया कि हथलाना निवासी नवीन कुमार, सुषमा रानी और शामगढ़ निवासी राजबीर ने अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश के तहत फर्जी वसीयत तैयार की और उसका उपयोग अदालत में किया। शिकायत में यह भी मांग की कि वसीयत को जब्त कर फोरेंसिक साइंस लैब से उसकी जांच कराई जाए और संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन रिकॉर्ड भी खंगाले जाएं।
शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। - शक्ति सिंह, ढांड थाना प्रभारी