संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सड़कों पर भटक रहे बेसहारा गोवंश की समस्या के समाधान के लिए 50 एकड़ जमीन पर गो अभ्यारण्य बनाया जाएगा। इसमें इन गोवंश को सुरक्षित रखा जाएगा। उपायुक्त अपराजिता ने कहा कि सड़कों पर भटक रहे गोवंश को हटाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रशासन, पंचायत और पशुपालन विभाग को मिलकर गंभीर प्रयास करने होंगे, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगाया जा सके।
डीसी अपराजिता बुधवार को लघु सचिवालय स्थित वीसी रूम में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रही थीं। इससे पहले हरियाणा के कृषि, डेयरी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने राज्यस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए। डीसी ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिले में गो अभ्यारण्य स्थापित करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत अधिकारियों को जल्द से जल्द उपयुक्त भूमि की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पंचायत विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारी किसी एक गांव में कम से कम 50 एकड़ या इससे अधिक भूमि को चिह्नित करें, जहां गो अभ्यारण्य की स्थापना की जा सके। इसमें भटक रहे गोवंश को रखा जाएगा। गो सेवा आयोग के माध्यम से गोवंश संरक्षण के लिए पहले से ही कई सरकारी योजनाएं चल रही हैं। इसी क्रम में गो अभ्यारण्य खोलने का निर्णय लिया गया है।
सड़क हादसों पर रोक के लिए जरूरी है गोवंश को सड़कों से हटाना ः डीसी
डीसी अपराजिता ने कहा कि सड़कों से बेसहारा पशुओं को हटाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। नगर निकायों द्वारा भी इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इनमें और अधिक गंभीरता व तेजी लाने की आवश्यकता है। गो अभ्यारण्य में गोवंश को खुले वातावरण में रखा जाएगा, जहां उनकी चिकित्सा सुविधा सहित अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। बैठक के दौरान डीडीपीओ रितू लाठर ने भूमि चिह्नित करने को लेकर अब तक की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. कृष्ण कुमार और डॉ. ओमप्रकाश ने भी संबंधित जानकारी अधिकारियों के समक्ष रखी।