संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को सदन की बैठक में 86.46 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पास हुआ। यह पिछली बार के बजट 42 करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है। दूसरी ओर बैठक में कई पार्षदों ने वार्ड के लिए बजट न देने के आरोप भी लगाए।
बैठक में अध्यक्ष सुरभि गर्ग की ओर से आगामी वित्त वर्ष के लिए कुल 86 करोड़ 46 लाख 15 हजार रुपये का बजट पास किया गया। इसके साथ ही बैठक में लेखाकार ने पिछले वित्त वर्ष में खर्च हुए बजट की जानकारी भी सदन को दी।
सबसे पहले कार्यकारी अधिकारी दीपक कुमार ने बजट बैठक के लिए नगर परिषद की अध्यक्ष सुरभि गर्ग से अनुमति मांगी। बैठक की शुरुआत में ही वार्ड नंबर 28 के पार्षद मोहन शर्मा शहर के विकास कार्य न होने का आरोप लगाया।
बैठक में शहर से बेसहारा पशुओं को पकड़ने की निविदा सूचना जारी करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और अवैध से वैध हुई कॉलोनियों में विकास करने का प्रस्ताव पारित किए गए।
इस बैठक में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी दीपक कुमार, एओ राजेंद्र सिंह, एमई सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
पार्षदों ने लगाए अनदेखी का आरोप ः वार्ड नंबर 28 से पार्षद मोहन लाल, वार्ड नंबर 25 से पार्षद विनस गुप्ता, वार्ड नंबर चार से पार्षद महेश गोगिया ने कहा कि उनके वार्ड में टेंडर नहीं ल गाए जा रहे हैं, उन्होंने सदन में उनके वार्ड में टेंडर लगाने की बात रखी। वहीं, वार्ड नंबर 11 की पार्षद सुशीला गुप्ता ने भी उनके वार्ड के विकास कार्य की बनाई गई फाइल गुम करने का आरोप लगाया।
नगर परिषद की अध्यक्ष सुरभि गर्ग सुरभि गर्ग ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार करीब चार करोड़ रुपये का बजट ज्यादा का रखा गया है।
वहीं, पार्षदों ने जो सुझाव दिए हैं, उन्हें नोटिस किया गया है, इस पर अमल करने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य हो रहें, किसी भी पार्षद के साथ कोई भेदभाव नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिन दुकानों को अब तक किराया पर नहीं दिया हुआ है, उन्हें किराया पर देने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
किराये पर दुकानों को देकर की जाए इनकम ः वार्ड नंबर 29 से पार्षद राज सैनी, वार्ड नंबर 20 से पार्षद रिंकू सैनी, वार्ड नंबर 23 से पार्षद लीलू सैनी, वार्ड नंबर 17 से पार्षद प्रवेश शर्मा, वार्ड नंबर 14 से पार्षद दीपक शर्मा ने कहा कि नगर परिषद ने ग्यारह रुद्री मंदिर के सामने दुकानें बनाई हुई है, ये दुकानें खाली है, जबकि दुकानें काफी बड़ी-बड़ी हैं। इन दुकानों को किराया पर नहीं दिया जा रहा है। दुकानों की बोली करवाकर इन्हें किराये पर दिया जाना चाहिए, ताकि नगर परिषद को इनसे आय हो। दुकानें खाली होने के कारण खंडहर हो रही है, जिन पर हर साल मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च हो रहा है। वहीं पार्किंग के लिए भी स्थल का टेंडर छोड़कर इनकम की जाए। इसके साथ-साथ विज्ञापन साइटों को भी एजेंसी को देकर टेंडर छोड़ा जाए, ताकि नगर परिषद को आय बढ़ सके।
बैठक में उठा गैस पाइपलाइन डालने के बाद तोड़ी सड़कों का मामला
बैठक में आईजीएल कंपनी की ओर से गैस पाइपलाइन डालने के बाद तोड़ी गई सड़कों का मामला उठा। इसमें पार्षदों ने विरोध जताते हुए अध्यक्ष के सामने कंपनी की ओर से गलियों व सड़कों को तोड़ने का मुद्दा उठाया गया। इस पर अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने कहा कि इस मामले में कंपनी की ओर से तोड़ी गई गलियों और सड़कों के टूटने की जानकारी मांगी जाएगी। इसके बाद नगर परिषद को हुए नुकसान का पता लगाया जाएगा और फिर कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।