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Kaithal News: ...और भाजपा में शामिल नहीं हो पाए ईश्वर सिंह

Wed, 26 Mar 2025 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला-चीका। गुहला के पूर्व विधायक ईश्वर सिंह की स्वघोषणा के बावजूद वह मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी में किन्हीं कारणों से शामिल नहीं हो सके। उधर, मंगलवार को उनके चीका स्थित आवास पर दिन भर सन्नाटा पसरा रहा।

गौरतलब है कि सोमवार को चीका स्थित अपने आवास पर पत्रकार वार्ता कर गुहला के पूर्व विधायक ईश्वर सिंह ने एलान किया था कि वे मंगलवार को अपने ज्येष्ठ पुत्र रणधीर सिंह व पुत्रवधु रेखा रानी सहित भाजपा में शामिल होंगे। ईश्वर सिंह ने यह भी दावा किया था कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन बडौली मुख्यमंत्री नायब सैनी की मौजूदगी में उन्हें पार्टी में शामिल करवाएंगे। पूर्व विधायक ईश्वर सिंह ने यह घोषणा करते सोशल मीडिया पर तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई।
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पूर्व विधायक के कुछ समर्थक जहां इसे सही समय पर उठाया गया कदम बताया तो वहीं कुछ विरोधी इसे पूर्व विधायक की ओर अपनी पुत्रवधू रेखा रानी की चीका नगरपालिका की अध्यक्ष की कुर्सी को बचाने का असफल प्रयास बता रहे थे। अभी चर्चाओं का बाजार गर्म ही था कि सूचना आई की नगर पालिका अध्यक्ष रेखा रानी के अचानक बीमार होने के चलते पूर्व विधायक व उनके परिवार के सदस्यों का भाजपा में शामिल होने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है।

उधर, पूर्व विधायक ईश्वर सिंह के कुछ विरोधी लोगों ने अध्यक्ष रेखा रानी की बीमारी को बहाना बताते हुए उन्हें निशाने पर लिया और सोशल मीडिया पर देर रात तक इसी तरह के कटाक्ष चलते रहे।

उधर, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा ने अपने संगठन के चुनाव संपन्न होने तक दूसरी पार्टियों से आने वाले सभी नेताओं की ज्वाइनिंग पर रोक लगा दी। भाजपा में शामिल नहीं हो पाने के चलते मंगलवार को पूर्व विधायक ईश्वर सिंह के चीका स्थित आवास पर दिन भर सन्नाटा पसरा रहा।
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पुत्रवधू की कुर्सी बचने के प्रयास की चर्चा

भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पूर्व विधायक ईश्वर सिंह के परिवार सहित भाजपा में जाने के पीछे अपनी पुत्रवधू रेखा रानी की कुर्सी बचाने का असफल प्रयास बताया। भाजपा नेताओं ने कहा कि अध्यक्ष रेखा रानी जनाधार खो चुकी है। अधिकतर पार्षद अध्यक्ष की कार्यप्रणाली से खफा है और इन्होंने अध्यक्ष की ओर से बजट पास करने के लिए बुलाई गई दो बैठकों का बहिष्कार किया था। उन्होंने कहा कि अब ईश्वर सिंह अपनी पुत्रवधू की कुर्सी को बचाए रखने के लिए भाजपा में आना चाहते हैं लेकिन भाजपा संगठन उनकी कार्य प्रणाली के बारे में अच्छी प्रकार से जानता है और उन्हें पार्टी में शामिल करने से पहले कई बार सोचेगा।
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