कैथल। प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना में 2019 के बाद जमीन का मलिकाना हक मिलने वाले किसानों को शामिल नहीं किया जा रहा है। जिले के करीब 9 हजार 884 किसान अटल सेवा केंद्र पर जाकर कृषि विभाग के संबंधित पोर्टल पर आवेदन कर चुके हैं और योजना में शामिल होने के लिए किसान अटल सेवा केंद्र व विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
किसान विभाग की वेबसाइट पर अटल सेवा केंद्र से योजना में शामिल होने के लिए आवेदन अप्लाई कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। वहीं किसान आईडी बनने के कारण प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना की साइट डेढ़ महीने से बिल्कुल बंद है। बताया जा रहा है कि किसान आईडी बनने के कारण इसे बंद किया जाएगा। इसके बाद पोर्टल खुलने की उम्मीद है। किसान, राजेश, रामजुवारी, प्रताप ने बताया कि सरकार की ओर से असली खेतीबाड़ी करने वाले किसानों को योजना में शामिल नहीं किया जा रहा है। योजना में शामिल होने के लिए किसानों को ब्लाॅक स्तर से लेकर जिला स्तर के कार्यालय में आवेदन की जानकारी लेने के लिए कई- कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
जमीन जायदाद नाम होना अनिवार्य : योजना का लाभ पात्र बनने के लिए जमीन किसान के नाम होनी अनिवार्य है। इनकम टैक्स भरने वाले लोग, सरकारी नौकरी करने वाले, विधायक, सांसद, चेयरमैन व परिवार में एक सदस्य से ज्यादा लाभ लेने वाले लोगों को किस्त की योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। एक साल पहले तक विभाग ने गाइडलाइन में शामिल न होने के कारण आवेदन रद्द किए, लेकिन अब कुछ आवेदन आगे भेज दिए गए। विभाग की ओर से आगे भेजे गए आवेदनों पर कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 2019 के बाद वाले किसान योजना में शामिल नहीं है। जल्द ही नई गाइडलाइन आने की उम्मीद है, इसके बाद कुछ योजना का लाभ मिल सकता है।