कैथल। कैथल से पटियाला तक नई रेल लाइन बिछाने की आधा दशक पुरानी मांग है। जिसके पूरा होने की जिला के लोग आज भी पूरी होने की बाट जोह रहे है। इस लोकसभा चुनाव में लोग प्रत्याशियों से मांग कर रहे हैं कि जो भी नेता सांसद बने, वह इस मांग को उठाए और यह सुविधा लोगों को उपलब्ध करवाए।
बता दें कि पटियाला तक नई रेल बिछाने की मांग आजादी के बाद पांचवीं लोकसभा के चुनाव में शुरू हुई थी। जो 16वीं लोकसभा का कार्यकाल पूरा नहीं होने के बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। इस चुनाव में भी कैथल से पटियाला तक नए रेल मार्ग का बड़ा चुनावी मुद्दा है। सरकार चाहे कोई भी आए यह योजना कागजों में तो रहती है। लेकिन यह कागजों से बाहरी नहीं निकल पाती।
एक लाख से अधिक हस्ताक्षर करवा सौंपे रेल मंत्री को:
पटियाला तक नई रेल लाइन की निर्माण को लेकर रेल कल्याण समिति ने वर्ष 2014 में पूरो जिला से एक लाख से अधिक हस्ताक्षर करवा के रेल मंत्री को भी सौंपे थे। जिस पर उन्होंने निर्माण का पूरा आश्वासन दिया था।
दो बार हो चुका है सर्वे, सर्वे पर खर्च हो चुके हैं 25 करोड़ रुपये
रेल कल्याण समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने बताया कि आधा दशक से चल रही इस नई रेल मार्ग के निर्माण की मांग पर वर्ष 2012 में पिछली सरकार में इसके पूरा होने की थोड़ी उम्मीद जगी थी। उस समय रेल मंत्री पवन बंसल ने रेल बजट में पटियाला तक नए रेल मार्ग का निर्माण करने की घोषणा कर इसके सर्वे बजट में पास किया था। जिसके बाद वर्ष 2013 में सर्वे का कार्य शुरू तो हुआ लेकिन यह 2015 तक बंद हो गया। इस समय सर्वे का कार्य केवल 20 प्रतिशत तक ही हो पाया है। इस समय देश की सरकार बदल चुकी थी। सरकार बदलने के बाद वर्ष 2017 में बजट में इस सर्वे कार्य का बजट बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये किया। जिस पर फिर से कार्य शुरू हुआ। यह कार्य वर्ष 2018 की फरवरी में खत्म हुआ जिसमें 100 प्रतिशत तक सर्वे का कार्य पूरा हो गया। लेकिन एक साल के बाद भी इससे आगे कोई कार्य नहीं बढ़ पाया।
इस चुनाव में है आस
रेल कल्याण समिति के उप प्रधान लाजपत सिंगला ने कहा कि इस रेल लाइन निर्माण की मांग के पूरा होने की आस इस बार के चुनाव में है। जिसके लिए समिति काफी प्रयास कर रही है। इस बार जो भी उम्मीदवार वोट मांगने के लिए आएगा। उससे इसी मांग पर जवाब मांगा जाएगा।