संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। हाल ही में हुई बारिश के बाद मंडियों में धान की खरीद की रफ्तार कमजोर पड़ी है। सोमवार शाम 4 बजे तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मंडियों में कुल 4.81 लाख मीट्रिक टन (एमटी) धान की आवक हो चुकी है। इसमें से अब तक 3.81 लाख एमटी धान की खरीद की जा चुकी है जबकि लगभग एक लाख एमटी धान बिना खरीद के मंडियों में पड़ा हुआ है।
शुरुआती सुस्त चाल के बाद अब धान के उठान ने गति पकड़ ली है। कुल खरीदी गई फसल में से 2.96 लाख एमटी धान का उठान किया जा चुका है, जो कुल खरीद का लगभग 77 प्रतिशत है। प्रशासन का दावा है कि आने वाले दिनों में उठान की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाएगी ताकि मंडियों में किसानों को जगह की कमी का सामना न करना पड़े।
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30 हजार से अधिक किसानों को भुगतान
फसल खरीद के साथ-साथ सरकार किसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतान की प्रक्रिया को भी तेज कर रही है। सोमवार तक कुल 30,344 किसानों को 650 करोड़ रुपये का भुगतान जारी किया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, जिन किसानों की फसल की जे-फॉर्म कट चुकी है, उनके खातों में निर्धारित समय सीमा के भीतर राशि ट्रांसफर की जा रही है। जबकि कई किसान अभी भी भुगतान की बाट में हैं, क्योंकि अभी भी 33 प्रतिशत धान का उठान नहीं हुआ है। अब जब तक शत प्रतिशत उठान नहीं होता, तब तक राशि जारी नहीं होगी।
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बारिश से प्रभावित हुई व्यवस्था
गौरतलब है कि पिछले दिनों हुई बारिश के कारण मंडियों में धान की आवक और सरकारी खरीद दोनों पर बुरा असर पड़ा था। नमी की मात्रा बढ़ने के कारण खरीद का काम कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ, जिससे मंडियों में धान का स्टॉक जमा हो गया। हालांकि, मौसम साफ होने के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। किसान और श्रमिक मंडियों में ही धान को पंखा लगाकर सुखा रहे हैं।
एसडीएम संजय कुमार ने परचेज एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि धान में नमी का स्तर मानक के अनुरूप हो, तुरंत उसकी खरीद सुनिश्चित की जाए। साथ ही, मिलर्स और ट्रांसपोर्टर्स को उठान के काम में ढिलाई न बरतने की चेतावनी दी गई है ताकि मंडियों को जल्द से जल्द खाली कराया जा सके।