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बैंकों की मनमानी के चलते बेरोजगार युवक युवतियां परेशान

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बैंकों की मनमानी से बेरोजगार युवक युवतियां परेशान
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आरोप- बैंक अधिकारी कर रहे हैं दुर्व्यवहार, कार्रवाई के लिए मिले डीसी से
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। बैंकों की मनमानी के कारण यहां बेरोजगार युवक, युवतियों को दर दर की ठोकरें खानी पड़ी रही हैं। डीएलटीएफसी कमेटी द्वारा ऋण मंजूर किए जाने के बावजूद बैंक अधिकारी बेरोजगारों को परेशान कर रहे हैं। इस संबंध में वीरवार को गांव खुराना निवासी रवि, गांव तारागढ़ निवासी पवन, गांव कैलरम निवासी संतोष और कलायत निवासी ऊषा ने डीसी को एक लिखित शिकायत देकर पंजाब नेशनल बैंक जाखौली, पंजाब नेशनल बैंक कैलरम, पंजाब नेशनल बैंक कलायत तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया कैथल के मैनेजरों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
रवि ने बताया कि डीएलटीएफसी ने उसका 8 लाख का ऋण स्वीकृत कर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में भेज दिया लेकिन बार बार चक्कर लगाने के बावजूद बैंक अधिकारी उसके ऋण की अदायगी नहीं कर रहे हैं। बैंक अधिकारी उससे अनावश्यक दस्तावेजों की मांग कर रहे हैं, जो नियमानुसार इस प्रकार के ऋण में देना आवश्यक नहीं है। आरोप है कि उसने बैंक के 27 चक्कर लगाए लेकिन मैनेजर उसे लगातार टरका रहा है। इसी प्रकार पवन ने अपनी शिकायत में कहा है कि पीएमईजीपी योजना के तहत पलम्बर का काम करने के लिए डीएलटीएफसी उसका 3 लाख रुपये का ऋण मंजूर किया था, लेकिन बैंक अधिकारी ने यह कहकर ऋण देने से मना कर दिया कि उनका टारगेट पूरा हो चुका है। संतोष ने अपनी शिकायत में कहा है कि उपरोक्त कमेटी ने सिलाई कढ़ाई व कपड़ों के काम के लिए उसका दो लाख का ऋण मंजूर किया लेकिन बैंक प्रबंधक लोन देने की बजाय उसके साथ हंसी ठिठोली करने लगा और उसे बुरी नजर से देखने लगा। ऊषा देवी का भी डीएलटीएफसी से 2 लाख रुपये का ऋण ब्यूटी पार्लर के लिए मंजूर हुआ था लेकिन बैंक प्रबंधक ने उसके साथ दुर्व्यवहार करते हुए कहा कि मैं तेरे बाप का नौकर नहीं हूं जो एक महीने में ऋण दे दूं, मेरे पास और भी बहुत काम हैं। उपरोक्त लोगों ने डीसी सुनीता वर्मा से मांग की है कि संबंधित बैंक मैनेजरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए ताकि भविष्य में किसी बेरोजगार को परेशान न करें।
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उधर मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी सुनीता वर्मा ने पीड़ितों की शिकायत एलडीएम को फारवर्ड कर दी है। इसके बाद उन्होंने पीड़ितों को एलडीएम के पास भी भेजा गया और वहां जाकर अपनी समस्या दर्ज करवाने की बात कही।
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