संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सीवन के रामनगर भूना गांव में एक महिला को जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवा करीब 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। जमीन का केस पहले ही अदालत में विचाराधीन है। सीवन थाना पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में रामनगर भूना निवासी बबली रानी बताया कि उसका पति करीब 15 साल से विदेश रह रहा है। वह अपने बेटे के साथ रामनगर भूना गांव में रहती है। भूपिंद्र सिंह, भोला राम व जोगिंद्र सिंह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते है। ये सभी उसके गांव के ही रहने वाले हैं। इस कारण उसके परिवार को काफी सालों से जानते हैं और शिकायतकर्ता के घर भोला राम व जोगिंद्र सिंह का आना-जाना है। आरोपी भोला राम व भूपिंद्र सिंह के साथ का पैसों का लेन-देन है।
वर्ष 2015 में आरोपी भोला राम व जोगिंद्र सिंह ने कहा कि गांव भूना में कृषि योग्य जमीन बिकाऊ है। यदि खरीदनी है तो बताना तो उसने कहा कि हम जमीन खरीद लेते है, लेकिन जमीन सही होनी चाहिए। इस पर आरोपी भोला राम व जोगिंद्र सिंह ने कहा कि चीका शहर में भूपिंद्र सिंह बहुत बडा डीलर है जिसने विनर एसोसिएट के नाम से कैथल रोड चीका में बहुत बडा कार्यालय बना रखा है। वे सब एक साथ काम करते हैं और वे उससे मिलवा देंगे।
उसके पास बहुत बड़ी-बड़ी जमीन बेचने व खरीदने वाली पार्टियां है। आरोपी भोला राम व जोगिंद्र सिंह उसे भूपिंद्र के कार्यालय चीका में लेकर गए।उसने भी कहा कि वह गांव भूना में जमीन जायज रेट में मिल जाएगी। उसके पास पंजाब की जमीन बेचने वाली पार्टी है। उनकी गांव भूना में काफी जमीन है जितनी खरीदनी हैं, खरीद लेना और जमीन बिल्कुल साफ बिना किसी झगडे़ वाली है। उसके बाद उसे आरोपी नरपिंद्र सिह व अमनदीप से मिलवाया और अपनी जमीन दिखाई।
उन्होंने कहा कि जमीन हमारी मलकियत की है। इसके बाद आरोपियों ने हर तरीके की जिम्मेदारी स्वयं ली। चार मार्च 2015 को उसके हक में 24 कनाल जमीन की रजिस्ट्री यह कहकर करवाई और जमीन का कब्जा व दखल मौके पर दिया। उस समय उसके पैरों तले से जमीन निकल गई जब ग्राम पंचायत भूना का सरपंच जमीन का कब्जा लेने के लिए आया।
उसने सरपंच को खरीद की हुई भूमि की रजिस्ट्री दिखाई और कहा कि यह हमारी मलकियत जमीन की रजिस्ट्री है और वह जमीन की मालिक है तो सरपंच ने कहा कि यह रजिस्ट्री फर्जी है। कहा कि यह जमीन पंचायत की है। आरोपी नरपिंद्र सिह व अमनदीप सिंह को इस बात का पता था। क्योंकि इस जमीन का केस दिवानी अदालत में डिग्री व इंतकाल तुड़वाने का चल रहा थास जो 19 मार्च 2016 को गुहला की अदालत से डिग्री व इंतकाल को तोड़ दिया है और जमीन का मालिक ग्राम पंचायत भूना को घोषित कर दिया है।
इसमें नरपिंद्र सिंह व अमनदीप सिंह भी पार्टी थे और उनको विचाराधीन केस के बारे में शुरु से सब कुछ पता था। उसके बाद वह हलका पटवारी के पास गई और वहां पर कागजात की छानबीन से पता चला कि अदालत ने उसे बिना पार्टी बनाए डिग्री व इंतकाल को तोड़ दिया है और ग्राम पंचायत भूना को मालिक घोषित कर दिया है।
उसके बाद उसने दीवानी अदालत गुहला से नकलें निकलवाई और उसे पता चला कि खरीदी गई जमीन पर महावीर सिंह बनाम मुख्तयार सिंह आदि डिग्री व इंतकाल तुडवाने के बाबत दीवानी अदालत गुहला में साल 2013 से केस चल रहा था। इसमें आरोपी नरपिंद्र सिंह व अमनदीप सिंह इस केस में पार्टी थे और उनको इस केस के बारे में शुरुआत से सब कुछ पता था।
आरोपियों ने एक साजिश के तहत मिलीभगत कर जमीन का कोर्ट में केस होने की जानकारी होने के बावजूद डिग्री फर्जी तैयार की है। इसके बावजूद उसके हक में रजिस्ट्री करवाते समय यह बात छिपाई और रजिस्ट्री में लिखा कि भूमि पर किसी प्रकार का कोई भार नहीं है। उससे झूठ बोलकर करीब 70 लाख रुपये रजिस्ट्री के नाम से ऐंठे हैं। सीवन थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि पांच आरोपियों ने शिकायतकर्ता बबली रानी से धोखाधड़ी की है। सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।