कैथल। गरीब बच्चों को 134 ए के तहत दाखिला देने की प्रक्रिया के तहत बुधवार को स्कूल अलॉट होने के बाद भी निजी स्कूल संचालक दाखिला न देने की मांग पर अड़े हुए हैं। ऐसे में अब निजी स्कूल संचालकों ने 134 ए के तहत चयनित बच्चों के अभिभावकों की आय पता लगाने का फैसला लिया है। निजी स्कूल संचालकों का कहना है जिस भी बच्चे के घर कार होगी, तो वे उसे दाखिला नहीं देंगे। इसके साथ ही स्कूलों में पहले से ही दाखिल बच्चों के अभिभावकों की आय का भी पता लगाएंगे। यदि उनकी आय सरकार के नियमों के मुताबिक नहीं पाई गई तो उन्हें स्कूल से निकाल दिया जाएगा। वहीं शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों में पहले से ही पढ़ रहे बच्चों को वहीं स्कूल अलॉट करने पर भी निजी स्कूल एसोसिएशन में रोष है।
अभिभावकों में रोष, नहीं दे रहे दाखिला:
अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को स्कूलों में दाखिला नहीं दिया जा रहा। अभिभावक अमरीक सिंह ने बताया कि वह बच्चे के दाखिले के लिए जिस स्कूल मेें गया था, उसे वहां 10 अप्रैल का समय दिया गया है।
चार साल से कर रहे संघर्ष, सरकार मौन :
निजी स्कूल एसोसिएशन के जिला प्रधान राजेश मुंजाल ने बताया कि निजी स्कूल संचालक पिछले चार वर्षों से अपने हक के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। लेकिन सरकार चार सालों से मौन बैठी है। ऐसे में इस बार तो निजी स्कूल संचालक सरकार द्वारा पूरी फीस न मिलने तक किसी भी हालत में 134 ए के तहत बच्चों को दाखिला नहीं देंगे।
महासचिव हरपाल सिंह ने कहा कि विभाग के आला अधिकारियों से हुई बैठक में उन्हें बच्चों के माध्यम से स्कूलों को फीस के रुपयेे देने का आग्रह किया गया। लेकिन विभाग इन बातों पर भी ध्यान नहीं दे रहा है। इसलिए अब निजी स्कूल संचालक चयनित बच्चों के अभिभावकों की इनकम जांचने के लिए मजबूर है।
यह है सीटों का ब्यौरा :
कक्षा सीटें
दूसरी 412
तीसरी 257
चौथी 226
पांचवी 196
छठी 204
सांतवीं 195
आठवीं 186
नौंवीं 134
दसवीं 175
11वीं 139
12वीं 126
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी जोगेेंद्र हुड्डा का कहना है कि आला अधिकारियों ने वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से आदेश दिए हैं कि सभी स्कूलों को दाखिला देना होगा। स्कूल संचालकों की जो मांग है, उसके लिए उन्हें एक प्रमाण पत्र देना होगा, जिसमें यह लिखना होगा कि उन्होंने 134ए के तहत बच्चे को पूरा सेशन पढ़ाया है और तीनों सालों का रिकॉर्ड देना होगा।