कैथल। शहर के चंदाना गेट स्थित रामलीला मैदान में मंगलवार को दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्रीराम दशहरा उत्सव समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान 61 फीट ऊंचा रावण, 55 फीट ऊंचा कुंभकर्ण और 50 फीट ऊंचा मेघनाद का पुतला आकर्षण का केंद्र रहे।
पुतलों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। रावण दहन के साथ हुई आतिशबाजी ने उत्सव की रौनक बढ़ा दी। कार्यक्रम देखने के लिए रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। चंदाना गेट पर लगे मेले में भी लोगों की भीड़ रही।
दशहरा उत्सव के लिए लोगों में सुबह से ही उत्साह देखने को मिला। शाम को रामलीला मैदान में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। परिवारों के साथ आए लोगों ने मेले में खरीदारी की और विभिन्न व्यंजनों का आनंद लिया। मैदान में तीनों पुतलों को देखने के लिए लोग काफी देर तक इंतजार करते रहे। पुतला दहन के समय मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने आसमान को रोशन कर दिया। आयोजन के दौरान जिला एवं पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती गई।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है दशहरा : डीसी
दशहरा उत्सव में उपायुक्त अपराजिता ने भी शिरकत की। उन्होंने जिलावासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। यह पर्व हमें अपने जीवन में सदाचार अपनाने और बुराइयों का त्याग करने का संदेश देता है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव को मजबूत करते हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष सहित कई लोग पहुंचे
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी, नगर परिषद चेयरपर्सन सुरभि गर्ग, पूर्व हैफेड चेयरमैन कैलाश भगत और सांसद नवीन जिंदल के प्रतिनिधि रविंद्र धीमान सहित अन्य पदाधिकारी व अन्य व्यक्ति मौजूद रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी ने भी जिलावासियों को दशहरा पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और समाज में शांति, सद्भाव व भाईचारा बनाए रखने का आह्वान किया।
रामलीला मैदान में पुतला दहन कार्यक्रम देखने के लिए उमड़ी भीड़। संवाद
रामलीला मैदान में पुतला दहन कार्यक्रम देखने के लिए उमड़ी भीड़। संवाद