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Kaithal News: 60 लाख रुपये सालाना खर्च फिर भी बदहाल हैं पार्क

Mon, 10 Nov 2025 06:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल। नगर परिषद के अधीन 44 पार्क हैं। इनमें से अधिकतर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। पार्क में सुबह-शाम सैर करने आने वाले लोग परिषद के अधिकारियों को कोस रहे हैं। लोगों को पार्कों में गंदगी के कारण स्वच्छ वातावरण नहीं मिल पा रहा है। बैठने वाली कुर्सिंयां टूटी पड़ी हैं।
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मुख्य पार्कों के फव्वारे बंद पड़े हैं। जबकि नगर परिषद की तरफ से हर माह पांच लाख रुपये इनके देखरेख के लिए खर्च किए जाते हैं यानी हर साल करीब 60 लाख रुपये। इसके बाद भी शहरवासियों को पार्कों में भी सुकून नहीं मिल पा रहा है। एजेंसियों को टेंडर दिया गया है, उन्हें दरअसल ये भी नहीं पता होगा कि शहर में पार्क है कहां-कहां पर। यही कारण है कि पार्क बदहाल स्थिति में है। हालात ताे ये हो गए हैं कि लोगों ने पार्कों में जाना बंद कर दिया है।
शहर के चिल्ड्रन पार्क में तारें नीचे लटकी मिली। इससे कोई बड़ा हादसा घटित हो सकता है। शहर के मुख्य जवाहर पार्क में फव्वारे बंद पड़े हैं। ताऊ देवीलाल पार्क में कुर्सियां टूटी पड़ी हैं। एचएसवीपी के पार्कों की भी कमोबेश यही स्थिति है। डीएमसी कपिल शर्मा ने कहा कि जिस भी पार्क में समस्या है, उसका तुरंत समाधान कराया जाएगा।
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मुरझा रहे पेड़-पौधे : इतनी धनराशि खर्च होने के बाद भी पार्कों की दयनीय हालात अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़े करती है। एजेंसी द्वारा सही से काम न करने पर कार्रवाई की बजाय मेहरबानी क्यों बरती जा रही है। पार्कों में अनदेखी के कारण पार्क के पेड़-पौधे मुरझा रहे हैं। पेड़-पौधों में दीमक लगा है। जवाहर पार्क में प्रवेश करते ही दो तरफ बने फव्वारे का स्ट्रक्चर टूट रहा है। ताऊ देवीलाल पार्क में बैठने के लिए बना शेड जर्जर हालत में है। झूले भी क्षतिग्रस्त हैं। सीमेंट की बेंच टूट गई हैं। पार्क में लगे कई स्टील के डस्टबिन स्टैंड से अलग हो गए हैं। पार्क में बड़ी-बड़ी घास खड़ी है। संवाद
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