स्वाइन फ्लू से किच्छाना के युवा किसान की मौत
पीजीआई सेक्टर 32 चंडीगढ़ में शनिवार को हुई मौत
सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हुआ सक्रिय
गांव में चलाया रोकथाम के लिए आवश्यक अभियान
मृतक के परिवार सहित आस-पास के 16 लोगों को दी टेमीफ्लू की दवा
फोटो संख्या-13 व 14
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव किच्छाना के युवा किसान सीयाराम की स्वाइन फ्लू से चंडीगढ़ सेक्टर 32 स्थित पीजीआई में शनिवार को मौत हो गई। महज पांच दिन के बुखार में युवा किसान की मौत से परिवार सकते में हैं। वहीं सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव का दौरा किया और मृतक के परिजनों सहित आस-पड़ोस के 16 लोगों को टैमीफ्लू की दवा दी है। साथ ही लोगों को बीमारी से बचने के लिए सावधानी बरतने को कहा।
गांववासी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उसके भाई सीयाराम (31) को पांच दिन पहले बुखार हुआ था। जिसका इलाज पहले तो गांव में और फिर शाह अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया। वहां से उसे 17 तारीख को पीजीआई चंडीगढ़ ले गए। जहां चिकित्सकों ने जांच करके बताया कि उसे स्वाइन फ्लू है। चंडीगढ़ में ही इलाज के दौरान शनिवार 19 जनवरी की सुबह उसकी मौत हो गई। उसके भाई कहीं बाहर नहीं गए थे। गांव में ही खेतों में काम करते थे। उन्हें यह बीमारी कैसे हुई। इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई। लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि यह बीमारी एक वायरस के कारण फैलती है। जो हवा में रहता है। उन्हें भी मॉस्क लगाकर रहने को कहा गया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घर का दौरा किया। शनिवार शाम तक गांव में लोगों को इस बीमारी की जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें करीब 16 परिजनों को टैमीफ्लू की दवा दी और टेस्ट भी किए। मृतक अपने पीछे 8 साल की दो जुड़वां बेटियां व भरा पूरा परिवार छोड़ गया है।
सीएमओ डा. सुरेंद्र नैन ने कहा कि विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिला अस्पताल पूरी तरह से तैयार है। लोग सावधान रहें। वहीं, डॉ. नीरज मंगला ने बताया कि पीजीआई से मृतक को स्वाइन फ्लू होने की सूचना मिली थी। इसके बाद गांव में विभाग की टीम ने जाकर आवश्यक जांच-पड़ताल की है। साथ ही लोगों को जागरूक किया गया है। दवा देने व अन्य जो भी संभव हो सकता था, वह किया गया है। लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक भी किया गया है।