संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस पर वीरवार को नशा मुक्त भारत पखवाड़ा के समापन पर कैथल पुलिस द्वारा जिलेभर में 28 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें करीब 5,000 लोगों ने नशा न करने की शपथ ली।
एसपी आस्था मोदी के दिशा-निर्देश अनुसार डीएसपी कुलदीप बेनीवाल के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों ने युवाओं, महिलाओं, छात्रों और आमजन के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और उन्हें इससे दूर रहने का आह्वान किया।
एसपी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की इस वर्ष की थीम- “साक्ष्य स्पष्ट है: रोकथाम में निवेश करें” — के अनुरूप जिले में जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधिकारियों, एसएचओ, चौकी प्रभारियों व एंटी नारकोटिक सेल की टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सामूहिक कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश दिया कि जीवन में सफलता पाने के लिए नशा नहीं, संकल्प जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति को, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है। इससे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान होता है। नशे की हालत में वाहन चलाने से होने वाली सड़क दुर्घटनाएं विशेष चिंता का विषय हैं, जिनमें अधिकांश पीड़ित युवा होते हैं।
कैथल पुलिस ने स्कूल-कॉलेजों को केंद्र में रखकर विद्यार्थियों को जागरूक किया। पुलिस का यह अभियान भविष्य में भी ड्रग तस्करों व नशा फैलाने वाले अन्य तत्वों के विरुद्ध जारी रहेगा। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि एक सभ्य, स्वस्थ और सुरक्षित समाज की रचना के लिए नशा मुक्त भारत जरूरी है और इसके लिए जनभागीदारी ही सबसे प्रभावशाली उपाय है।