सीबीएसई ने कक्षा दस का वार्षिक परिणाम घोषित किया गया। जिले के 49 स्कूलों के 3743 विद्यार्थी कक्षा दस में पास हुए। परिणाम आने पर विद्यार्थियों खुशी जताई। दोपहर को करीब एक बजे परिणाम घोषित किया गया, लेकिन इससे पहले ही विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचना शुरू हो गए थे। जैसे ही परिणाम बोर्ड की वेबसाइट पर जारी हुआ, उसके साथ ही उत्साह से विद्यार्थी परिणाम देखते नजर आए। परिणाम आने पर शिक्षकों और अभिभावकों ने विद्यार्थियों को बधाई दी और मिठाई खिलाकर खुशी जताई।
इस बार कोरोना काल के चलते विद्यार्थियों की परीक्षाएं नहीं ली गई थी। ऐसे में विद्यार्थियों का परिणाम प्री बोर्ड परीक्षाओं और सतत व्यापक मूल्यांकन अर्थात बीती कक्षाओं में प्राप्तांकों के आधार पर जारी किया गया। इसमें यह देखा गया कि विद्यार्थियों में कितने प्रतिशत अंक प्राप्त करने की क्षमता है।
परिणाम आते ही विद्यार्थी खुशी से झूम उठे। विद्यार्थी पहले से ही अपने साथ स्कूलों में मिठाइयां लेकर पहुंचे थे। परिणाम आने के बाद स्कूलों में जश्न का माहौल रहा। विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और आगामी कक्षाओं में दाखिले के लिए शुभकामनाएं दी।
परिणाम आने पर विद्यार्थियों में जहां प्रसन्नता दिखाई दी। वहीं कुछ विद्यार्थियों ने ये भी कहा कि परीक्षाएं होती तो और ज्यादा अच्छा था। इससे विद्यार्थियों द्वारा की गई मेहनत का सही परिणाम सामने आ जाता। वहीं उन्होंने ये भी कहा कि परीक्षाओं के समय में जिस प्रकार कोरोना महामारी एकदम से फैल गई थी, उसे देखते हुए बिना परीक्षा लिए परिणाम देना भी सही रहा।
91 प्रतिशत अंक लेकर पास हुई छात्रा कृतिका ने कहा कि परीक्षा होती तो भी वे इतने प्रतिशत अंक आसानी से ले सकती थी। कोरोना महामारी को देखते हुए परिणाम इस प्रकार देना सही है।
80 प्रतिशत अंक लेकर पास हुई छात्रा खुशी ने कहा कि परीक्षा होती तो इससे उन विद्यार्थियों को काफी फायदा होता, जिन्होंने ज्यादा समय पढ़ाई को दिया है। फिर भी परिणाम सही आया है। महामारी के दौरान परीक्षा होने से विद्यार्थियों के बीमार होने का भी खतरा था।
92.3 प्रतिशत अंक लेकर पास हुए छात्र वंशुल गर्ग ने कहा कि परीक्षा होनी चाहिए थी। उन्होंने परीक्षा के लिए काफी तैयारी कर रखी थी। जितने अंक वैसे आए हैं। उतने ही परीक्षा देकर भी आसानी से आ सकते थे।
सीबीएसई की जिला समन्वयक प्रीति शर्मा ने कहा कि जिले के सभी विद्यार्थी पास हुए हैं। साथ ही यह भी कहा कि महामारी को देखते हुए बोर्ड ने सही निर्णय लिया है। उन्होंने विद्यार्थियों को आगामी कक्षाओं में पढ़ाई करने के लिए शुभकामनाएं दी।