संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के स्कूलों में पहले से शिक्षकों की कमी झेल रहे
विद्यार्थियों के सामने अब नई चुनौती खड़ी हो गई है। जिले के छह खंडों में कुल 4704 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 37 प्रतिशत शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाया गया है।
ऐसे में स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और कम हो जाएगी। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 1749 शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य के लिए लगाई गई है और ऐसे में विद्यार्थियों की शिक्षण व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
पहले ही कई स्कूल सीमित स्टाफ के भरोसे चल रहे हैं, ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षकों के बाहर रहने से कक्षाएं प्रभावित होना तय माना जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने का सबसे बड़ा नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ेगा। सिलेबस पहले ही समय पर पूरा नहीं हो पाता, वहीं अब जनगणना कार्य के चलते पढ़ाई और अधिक पिछड़ने की आशंका है। इससे विद्यार्थियों की वार्षिक पढ़ाई की नींव कमजोर हो सकती है।
खंडवार शिक्षकों की ड्यूटी
खंड कुल शिक्षक ड्यूटी लगी
सीवन 490 132
कलायत 630 150
राजौंद 554 49
कैथल 1556 595
पूंडरी 915 527
गुहला 559 296
1 मई से शुरू होगा अभियान
1 मई से शिक्षक चॉक-डस्टर छोड़कर जनगणना फॉर्म के साथ फील्ड में उतरेंगे। उन्हें घर-घर जाकर परिवारों का विवरण एकत्रित करने की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षकों का एक वर्ग इस निर्णय का विरोध भी कर रहा है। उनका कहना है कि लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने से उनका मूल कार्य प्रभावित हो रहा है।1749 शिक्षकों के बाहर जाने के बाद शेष शिक्षकों पर पढ़ाई के साथ-साथ अन्य प्रशासनिक कार्यों का अतिरिक्त दबाव रहेगा। ऐसे में शिक्षा विभाग इस कमी की भरपाई कैसे करेगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
जनगणना के लिए कुछ शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से इसका समाधान किया जाएगा और इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। - सुभाष कुमार ,जिला शिक्षा अधिकारी