संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 32.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में इकोनॉमिक सेल प्रभारी इंस्पेक्टर ओमप्रकाश के नेतृत्व में एएसआई सुरेंद्र सिंह की टीम ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें डेरा अवतार सिंह, उरलाना रोड रामथली निवासी सुरेंद्र सिंह तथा गांव नागल निवासी संदीप शामिल है। उन पर आरोप है कि बैंकॉक और मलयेशिया घुमाकर युवकों को भारत भेज दिया।
पुलिस प्रवक्ता प्रवीन ने बताया कि वार्ड नंबर 7, सेठांवाला मोहल्ला पूंडरी निवासी गुरदयाल सिंह ने शिकायत दी थी कि उसका बेटा विक्रम ऑस्ट्रेलिया जाना चाहता था। उसके साथ उसका दोस्त हर्ष भी विदेश जाने का इच्छुक था। मार्च 2025 में उसके मामा रेशम सिंह और उनके परिचित खजान सिंह के माध्यम से उनकी मुलाकात संदीप और सुरेंद्र से हुई, जिन्होंने स्वयं को विदेश भेजने का कार्य करने वाला बताया।
आरोपियों ने आश्वासन दिया कि वे दो माह के भीतर दोनों युवकों का ऑस्ट्रेलिया का वीजा लगवा देंगे। इसके बदले 45 लाख रुपये की मांग की गई, हालांकि यह सहमति बनी कि पूरी राशि वीजा लगने के बाद दी जाएगी। मार्च 2025 के अंतिम सप्ताह में नीम साहब गुरुद्वारा के पास आरोपियों ने विक्रम और हर्ष के मूल पासपोर्ट, आधार कार्ड, बैंक खातों की प्रतियां सहित अन्य दस्तावेज ले लिए।
12 जून 2025 को आरोपी पूंडरी स्थित शिकायतकर्ता के घर पहुंचे और दोनों युवकों को दिल्ली ले गए। वहां उन्हें पहाड़गंज स्थित सत्या होटल में ठहराया गया। इसी दौरान आरोपियों ने 18 लाख रुपये की मांग की।
विरोध करने पर कहा गया कि यह राशि ऑस्ट्रेलियन करेंसी में बदलकर वापस कर दी जाएगी, जो युवकों के काम आएगी। इस पर 10 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए गए।
14 जून को विक्रम और हर्ष को दिल्ली से चेन्नई और वहां से बैंकॉक भेज दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने फिर पैसों की मांग की और अलग-अलग चरणों में 8 लाख रुपये, 4.30 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से तथा बाद में 10 लाख रुपये नकद ले लिए। 3 अगस्त को दोनों युवकों को मलयेशिया भेजा गया और 7 अगस्त 2025 को उन्हें वहां से भारत वापस भेज दिया गया।
आरोप है कि बैंकॉक और मलयेशिया में दोनों युवकों को भूखा-प्यासा रखा गया तथा उनके साथ मारपीट कर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जब परिजनों ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी लगातार माह-दर-माह आश्वासन देते रहे। इस दौरान कई बार पंचायतें भी हुईं, लेकिन कोई राशि वापस नहीं की गई। आरोप है कि संदीप ने एक लाख रुपये का चेक दिया, जो बैंक में बाउंस हो गया। शहर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से गहन पूछताछ के लिए चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है।