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Kaithal News: धान के सीजन से पहले खेतों में लगेंगे 2847 नए ट्रांसफार्मर

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कैथल। धान के सीजन से पहले जिले के किसानों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। जिले में बिजली निगम की ओर से खेतों में 2847 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इस पर करीब 48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रति ट्रांसफार्मर औसतन 1 लाख 70 हजार रुपये की लागत आएगी। विभाग ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि यह कार्य जून से पहले पूरा कर लिया जाए, ताकि धान की रोपाई और सिंचाई के दौरान किसानों को सुचारू बिजली आपूर्ति मिल सके, इससे ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी और बार-बार ट्रांसफार्मर खराब होने घटनाओं पर अंकुश लगेगा।
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बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता सोमबीर भालोठिया ने बताया कि क्षेत्रों में बिजली का लोड अधिक है, वहां उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, जबकि अपेक्षाकृत कम लोड वाले क्षेत्रों में कम क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। योजना के तहत 20 केवी, 25 केवी, 63 केवी और 100 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर शामिल हैं। गर्मियों और धान लगाने के समय ट्यूबवेल व सिंचाई के लिए बिजली की मांग कई गुना बढ़ जाती है, ऐसे में अधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होती है। इसका सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ता है। नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद लाइन लॉस में भी कमी आएगी, साथ ही वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर व भरोसेमंद बनेगी। विभाग का मानना है कि इससे ग्रामीण बिजली ढांचे को मजबूती मिलेगी।



2023 से 2025 के बीच आए थे लोड बढ़ाने के आवेदन
वर्ष 2023 से 2025 के बीच बड़ी संख्या में किसानों और उपभोक्ताओं ने लोड बढ़वाकर नए ट्रांसफार्मर लगाने के लिए आवेदन किए थे। इन आवेदनों की समीक्षा के बाद प्राथमिकता सूची तैयार की गई है। जिन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर अत्यधिक खराब स्थिति में पाए गए या जहां लोड क्षमता से अधिक था, वहां पहले स्थापना का निर्णय लिया गया है। कलायत व राजौंद क्षेत्र के खेतों में सबसे ज्यादा ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। क्योंकि यहां पर सबसे ज्यादा खेतों में सिंचाई ट्यूबवेल पर होती है।
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किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
किसान रामजुवारी, रणधीर, प्रताप, अशोक, मनोज कुमार और सरूप सिंह का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति की अनियमितता का सीधा असर धान और कपास की फसलों पर पड़ता है। कई बार ट्रांसफार्मर फूंकने के बाद मरम्मत में देरी होती है, जिससे सिंचाई बाधित होती है और उत्पादन प्रभावित होता है। नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने से समय पर सिंचाई संभव हो सकेगी और फसल उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे खेती की लागत कम होगी और आय में भी सुधार होगा।



तीन लाख 72 हजार उपभोक्ता

जिले में तीन लाख 72 हजार उपभोक्ता है। गुहला, सीवन, कलायत, राजौंद, पूंडरी, ढांड, व कैथल ब्लाॅक के 293 गांव में बिजली की सप्लाई हो रही है। 293 गांवों में से 284 गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है।



अधिकारी बोले- तय समय में पूरा होगा कार्य
बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता सोमबीर भालोठिया ने बताया कि वीडीएस स्कीम के तहत जून के महीने तक खेतों में 2847 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। बता दें कि जिले में 10 हजार 600 नए ट्रांसफार्मर लगवाए जाने हैं, इससे पहले भी 3600 के करीब ट्रांसफार्मर लगवा दिए गए है। बाकी बचे हुए ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए जल्द निविदा की जाएगी। विभाग की प्राथमिकता है कि धान सीजन से पहले सभी स्वीकृति स्थलों पर ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिए जाएं। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और धान सीजन के दौरान बिजली संबंधी समस्याओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।
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