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Kaithal News: बीमारियों से ग्रस्त मिले 24,116 बच्चे

Fri, 13 Feb 2026 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत जिले में 24,116 बच्चे विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त पाए गए हैं। इनके स्वास्थ्य की व्यापक स्तर पर जांच और उपचार का कार्य निरंतर जारी है। प्रारंभिक अवस्था में बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 11 मोबाइल हेल्थ टीमों की तैनाती की गई है। ये टीमें नियमित रूप से स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं।

डिप्टी सिविल सर्जन एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. विकास धवन ने बताया कि जिले के 592 स्कूलों में 96,261 बच्चों तथा 1,270 आंगनवाड़ी केंद्रों में 69,718 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। जांच के दौरान 24,116 बच्चे विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त पाए गए। इन सभी बच्चों का उपचार कार्यक्रम के तहत पूरी तरह निशुल्क किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है।
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उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कुछ बच्चों में गंभीर बीमारियां भी चिह्िनत की गईं। इनमें 37 बच्चों में हृदय संबंधी रोग, 2 बच्चों में जन्मजात बहरापन, 10 बच्चों में आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याएं तथा 38 बच्चों में अन्य जटिल बीमारियां पाई गईं। ऐसे कुल 87 बच्चों की सर्जरी कार्यक्रम के अंतर्गत पूरी तरह मुफ्त करवाई गई। इन सर्जरी पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च हुए, जिसका संपूर्ण वहन सरकार द्वारा किया गया।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम को जानें...
जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य जांच और नि:शुल्क उपचार कार्यक्रम है। इसके तहत 4 डी (जन्मजात दोष, कमियां, रोग और विकासात्मक देरी) की पहचान के लिए आंगनबाड़ियों और स्कूलों में साल में दो बार जांच की जाती है, जिसमें गंभीर बीमारियों के लिए मुफ्त सर्जरी और 21 प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र सेवाएं भी शामिल हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बीमारियों का जल्द पता लगाकर उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।
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1,897 बच्चों को चश्मे

डॉ. विकास धवन ने यह भी बताया कि 1,897 बच्चों को दृष्टिदोष के कारण निशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उन्हें पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों में काफी सहायता मिली है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि किसी बच्चे में किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या दिखाई दे तो वे डीईआईसी केंद्र, कक्ष संख्या 233 में संपर्क करें, जहां जांच और उपचार की सभी सुविधाएं पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध हैं।
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