16 को होगी कैथल नगर परिषद की बैठक, मांग कर रहे पार्षदों ने नकारा, बोले-10 दिन के भीतर बुलाई जाए बैठक
वहीं कार्यकारी अधिकारी ने बैठक की तिथि निर्धारित की
चेयरपर्सन ने कहा- एक-एक आरोप का दिया जाएगा जवाब
कांग्रेस समर्थक चेयरपर्सन प्रतिनिधि बोले सीएम की घोषणा के अनुसार हो रहा है सिटी स्क्वायर का काम
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद चेयरपर्सन ने 16 जनवरी को परिषद की बैठक निर्धारित कर दी है। जिसमें परिषद के माध्यम से करवाए जा रहे सिटी स्क्वायर के निर्माण कार्य पर उठ रहे सवालों के जवाब दिए जाएंगे। वहीं प्रतिवेदन के 10 दिन के भीतर-भीतर बैठक न बुलाए जाने पर बैठक की मांग कर रहे पार्षदों ने 16 जनवरी को बैठक बुलाए जाने पर सवाल उठाए हैं। इसके विरोध में आज फिर से पार्षद ईओ से मिलेंगे और एक जनवरी को जो प्रतिवेदन दिया गया था, उसके आधार पर 10 दिन के भीतर-भीतर बैठक बुलाए जाने की मांग करेंगे।
विदित रहे कि करीब एक दर्जन से अधिक पार्षदों ने ईओ नगर परिषद अशोक कुमार को एक जनवरी को प्रतिवेदन दिया था कि सिटी स्क्वायर के निर्माण कार्य में कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं। जिसमें करोड़ों रुपये का भुगतान निर्माण एजेंसी को लाभ पहुंचाने के लिए कर दिया गया। जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं किया जा सकता। साथ ही पिलरों के निर्माण में भी अनियमितता है। इसलिए इस मसले पर परिषद की बैठक बुलाकर उसमें चर्चा की जाए और पार्षदों के सवालों का जवाब दिया जाए।
इस प्रतिवेदन के बाद ईओ नगर परिषद अशोक कुमार की ओर से सभी पार्षदों को 16 जनवरी की बैठक निर्धारित कर एजेंडा भेजा गया। जिसमें पार्षदों की मांग पर बैठक बुलाए जाने के साथ-साथ शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने व एक अन्य एजेंडा रखा गया है।
वहीं पार्षद प्रतिनिधि धर्मबीर भोला ने कहा कि हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट के तहत मांग पत्र दिए जाने के 10 दिन के भीतर-भीतर बैठक बुलानी होती है। लेकिन यह 16 जनवरी को बुलाई गई है। जो स्वीकार्य नहीं हैं। पार्षद इसके विरोध में शुक्रवार को फिर से ईओ से मिलेंगे और दस दिन के भीतर-भीतर बैठक बुलाए जाने की मांग करेंगे। यदि उनकी मांग नहीं मानीं गई तो फिर इस का विरोध किया जाएगा।
चेयरपर्सन प्रतिनिधि सुरेश कश्यप ने बताया कि पार्षदों का बैठक बुलाने के लिए प्रतिवेदन मिला था। इसके आधार पर 16 जनवरी को बैठक बुलाई गई है। पता कर लिया जाएगा कि बैठक कितने दिनों में बुलानी होती है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में पार्षदों को उनकी सभी बातों का जवाब दिया जाएगा। सिटी स्क्वायर का निर्माण मुख्यमंत्री घोषणा के तहत हो रहा है। जिसमें परिषद के तकनीकी अधिकारियों की अनुमति के बाद ही आगे की कार्रवाई होती है। सभी तरह के आरोपों का जवाब बैठक में दिया जाएगा। निर्माण कार्य में किसी तरह की धांधली नहीं होने दी जाएगी।