विपिन के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग, परिजनों ने शव रखकर लगाया कैथल-कुरुक्षेत्र मार्ग पर जाम
डीएसपी के आश्वासन के बाद खोला जाम, रविवार को रंजिश में की गई थी युवक की हत्या
फोटो संख्या-13 व 14
अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। रविवार को गांव पबनावा में हुए विपिन हत्याकांड के मामले में परिजनों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कैथल-कुरुक्षेत्र रोड पर शव रखकर करीब एक घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। परिजनों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की। बाद में डीएसपी ने मौके पर पहुंच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
विदित रहे कि मृतक विपिन पर रंजिशन हमला कर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के पिता बलबीर आरोप लगाया था कि गांव के ही विकास पुत्र केशा तथा विपुल पुत्र रमेश ने उसके लड़के के साथ शनिवार रात के समय गली में लड़ाई झगड़ा करते हुए लाठी डंडों से उसकी पिटाई की। उसके बाद उसे घसीट कर घर के अंदर ले गए और तेजधार हथियारों से वार करते हुए उसे घायल कर दिया। घायल अवस्था में हम उसे इलाज के लिए कुरुक्षेत्र के सरकारी अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। इलाज के दौरान पीजीआई में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में विकास व विपुल के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया था।
इसके बाद सोमवार की सुबह परिजनों ने कैथल-कुुरुक्षेत्र मार्ग पर स्थित गांव के बस अड्डे के निकट सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही ढांड थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर शिवकुमार दलबल सहित मौके पर पहुंचे और जाम खोलने का आग्रह किया। लेकिन मृतक के परिजन एक ही मांग पर अड़े रहे कि जब तक विपिन के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता तब तक न तो शव का अंतिम संस्कार करेंगे और न ही सड़क से शव को उठाएंगे। थाना प्रभारी ने मृतक के परिजनों को बार-बार समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन नही माने। कुछ समय बाद डीएसपी कृष्ण कुमार भी मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों को बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें पहले से ही काम कर रही है। उन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन इस बात पर पर भी परिजन सहमत नहीं हुए। आखिरकार डीएसपी ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को शाम तक गिरफ्तार कर लिया जाएगा इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया और जाम खोल दिया।