तुलसी की पूजा कर आयोजित किया विवाह कार्यक्रम, पाया कन्यादान का सुख
जिलेभर में धूमधाम से मनाया गया तुलसी विवाह
फोटो नंबर-24
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिलेभर में सोमवार को तुलसी विवाह का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर विभिन्न मंदिरों व धार्मिक परिसरों में कार्यक्रम आयोजित कर तुलसी की पूजा की गई। शहर के ढांड रोड पर स्थित शिव शक्ति धाम, हनुमान वाटिका सहित कलायत व सीवन के मंदिरों में भी यह पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया।
इस मौके पर शिव शक्ति धाम मंदिर में तुलसी विवाह कार्यक्रम में भारी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शिव शक्ति धाम के पंडित प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि कार्यक्रम में तुलसी जी को लाल चुनरी उड़ाकर दुल्हन की तरह शृंगार का सामान रखा गया। शालीग्राम बैंड-बाजे के साथ बारात लेकर लाए गए। उसके बाद पूरे विधि पूर्वक तुलसी विवाह करवाया गया। शस्त्री ने बताया कि हिंदू धर्म में तुलसी विवाह का खास महत्व है। देवउठनी एकादशी या देवुत्थान एकादशी के दिन तुलसी जी का विवाह शालिग्राम से किया जाता है। उन्होंने बताया कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीनों के लिए सोते हैं और कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं। इसी लिए तुलसी विवाह के बाद ही घरों में शुभ कामों खासकर शादियों की शुरुआत हो जाती है।
वहीं हनुमान वाटिका में तुलसी विवाह करवाने के लिए निशा मंगल पूर्व सरपंच, राजीव गर्ग सहपत्नी प्रिया के साथ लड़की वालों की तरफ से पहुंचे तो वहीं लड़कों वालों की तरफ से अशोक शर्मा अपनी पत्नी पुष्पा के साथ तुलसी विवाह करवाने के लिए आए। हनुमान वाटिका के पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि तुलसी का विवाह कराना बेहद शुभ होता है। तुलसी विवाह से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। साथ ही भक्तों को सबसे बड़े दान यानी कन्यादान का सुख प्राप्त होता है।