शाम को पूरा नगर परिषद का अमला उतरा ईओ को सस्पेंड होने से बचाने के लिए
नसीब सैनी
कैथल।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज द्वारा शहर में स्ट्रीट लाइटों से केबल की तारें मिलने पर ईओ को सस्पेंड करने की चेतावनी के बाद शुक्रवार शाम को पूरा नगर परिषद अमला शहर में उतर गया। घरों के बाहर स्ट्रीट लाइटों या फिर दूसरे खंभों पर लगी केबल की तारों को उतार फेंका। जिससे लोग काफी परेशान हुए। पूरा परिषद का अमला ईओ को सस्पेंड होने से बचाने के लिए तारें उतारता दिखाई दिया।
तो क्या बैठक में झूठ बोला था ईओ ने? : ऐसे में सवाल उठता है कि लघु सचिवालय में आयोजित बैठक में ईओ ने क्या यह झूठ बोला था कि सभी स्ट्रीट लाइटों से तारें उतार दी गई हैं। यदि तारें उतार दी गई थी तो फिर शहर में शुक्रवार शाम को ही पूरे शहर में यह अभियान चलाने की क्या जरूरत पड़ गई?
क्या सस्पेंड होने की चेतावनी पर ही होगा काम : नगर परिषद के कर्मचारी शुक्रवार शाम जिस तरह से पूरे शहर में केबल की तारों के पीछे पड़ गए और पूरे शहर से उन्हें उतार फेंका, इससे तो यही साबित होता है कि अधिकारी खुद को सस्पेंड होने की चेतावनी पर ही काम करेंगे। जबकि पिछली बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि ना केवल खंभों से केबल की तारें उतारी जाएं, बल्कि पिछली वसूली भी की जाए। ना तो पिछली वसूली ही की गई और ना ही शुक्रवार तक शहर के अधिकतर इलाकों में लगी तारें खंभों से उतरीं। बैठक में जैसे ही सस्पेंड करने की चेतावनी जारी हुई तो शाम को केबल की तारें उतारने के लिए युवक शहर भर में निकल पड़े।
शिकायतकर्ता सहित जिला कष्ट निवारण समिति के कई गैर सरकारी सदस्यों ने इस बात की गवाही दी कि पूरे शहर में केबल की तारें खंभों पर लगी हुई हैं। बैठक में यह भी सवाल उठा कि अधिकारी केबल ऑपरेटरों से टैक्स लेना ही नहीं चाहते। एसडीएम के माध्यम से एक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर लीपापोती करने का प्रयास भी हुआ। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज पूर्व में लगी तारों के लिए टैक्स वसूली की बात पर अड़ गए और कहा कि पिछली वसूली करने के अलावा अब यह जांच की जाए कि शहर में खंभों पर बिजली की तारें लगी है या नहीं।
बिजली विभाग द्वारा लिया गया है टैक्स तो नगर परिषद द्वारा क्यों नहीं? : बैठक में यह बात भी सामने आई कि बिजली विभाग ने केबल ऑपरेटरों से टैक्स ले चुका है तो नगर परिषद अधिकारी क्यों नहीं ले रहे। क्या कोई मंथली आ रही है?