अमर उजाला चौपाल कार्यक्रम में लाला लाजपत राय कॉम्प्लेक्स में समस्याओं पर बोले दुकानदार
बोली के समय दिखाए थे सुनहरे सपने, अब शौचालयों के गेट तक किए बंद
हमारा रोजगार यहां से चलता है, नप में ट्रांसफर पॉलिसी है बंद, कहां जाएं?
समाधान नहीं हुआ तो मार्केट परिसर में ही दिया जाएगा धरना, ईओ बोले, दौरा करने के बाद करवाया जाएगा समाधान
फोटो नंबर-02 से 08
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद की ओर से करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई लाला लाजपत राय कॉम्प्लेक्स की बिल्डिंग, बदहाल शौचालय, पार्किंग में जलभराव व लाइट जैसी समस्याओं पर नप का कोई ध्यान नहीं है। जिससे यहां पर किराये की दुकानों में बैठे दुकानदारों में काफी रोष व्याप्त है। इन समस्याओं को लेकर मंगलवार को अमर उजाला की ओर से चौपाल का आयोजन किया गया। जिसमें दुकानदारों ने अपनी समस्याएं रखीं। दुकानदारों ने समस्याओं पर नप अधिकारियों से जवाब मांगे। दुकानदारों ने नप पर लाखों रुपये ऐंठने के बाद किराये के मुताबिक सुविधाएं न देने का आरोप लगाया है। चौपाल कार्यक्रम में दुकानदारों ने बैठक कर समस्याओं का समाधान न होने पर नप के खिलाफ धरना देकर प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी है। सबसे पहले दुकानदारों ने एकत्रित होकर बैठक की। जिसके बाद नप के खिलाफ प्रदर्शन करने का फैसला लिया।
यहीं से चलता है हमारा रोजगार : दुकानदार विरेंद्र कुमार ने कहा कि परिसर में स्थित दुकानों के कारोबार से ही हमारा रोजगार चलता है। लेकिन यहां पर नगर परिषद की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं केवल नाम मात्र ही है। नप ने ट्रांसफर पॉलिसी को भी कई वर्षों से बंद किया है। हम इन दुकानों को आगे लीज पर भी नहीं दे सकते ऐसे में हम यहां से कहीं और कैसे जाएं?
मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही : दुकानदार अशोक ने कहा कि मार्केट परिसर में नप की ओर से मूलभूत सुविधाएं तक नहीं दी जा रही है। परिसर में कहीं भी पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। जिससे यहां पर जलभराव की स्थिति बन चुकी है। काफी परेशानी हो रही है इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।
पूरा किराया ले रहे तो हमें सुविधाएं देने में आनाकानी क्यों कर रही : दुकानदार राजेंद्र बंसल ने कहा कि नप को प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये का एक दुकान का किराया दिया जाता है। लेकिन यहां पर अधिकतर दुकानें ऐसी है जिनमें सीलन आ चुकी है। इसके साथ ही कई स्थानों पर बिल्डिंग जर्जर हो चली है। जब नप पूरा किराया ले रही है तो हमें सुविधाएं देने में आनाकानी क्यों कर रही है।
एक बार भी मेंटेनेंस का कार्य नहीं करवाया : दुकानदार गगन बंसल ने बताया कि नप में सभी दुकानों का मिलाकर 70 लाख रुपये से अधिक का सालाना किराया बनता है। हर पांच वर्ष में 25 प्रतिशत तक किराये में बढ़ोतरी भी होती है। लेकिन इस मार्केट को बने 12 साल बीत गए है। यहां पर बिल्डिंग परिसर की एक बार भी मेंटेनेंस का कार्य नहीं करवाया गया है। यदि दुकानदार किराये में दो से तीन दिन तक भी देरी कर दें तो नप तुरंत उन्हें नोटिस भेज देती है।
सफाई की कोई व्यवस्था नहीं : दुकानदार सोनू ने कहा नप को किराये के रूप में 10 से 15 हजार रुपये देने के बावजूद भी यहां पर सफाई की सुचारु रूप से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यहां न ही लाइटें लगवाई गईं हैं और न ही किसी चौकीदार की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में परिसर में स्थित दुकानों की सुरक्षा कैसे होगी?
शौचालय के लिए कोई व्यवस्था नहीं : दुकानदार सुरेंद्र गोयल ने बताया कि परिसर में तीन फ्लोर हैं। जिसमें एक भी फ्लोर पर शौचालय के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यह पूरी तरह से बदहाली का शिकार हो चुके हैं। एक ओर तो स्वच्छता अभियान के तहत खुले में शौच न जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है दूसरी ओर नप में 70 दुकानें होने के बावजूद यहां के खस्ता हालत शौचालयों को ठीक नहीं करवाया जा रहा।
दौरा करने के बाद करवाया जाएगा समाधान : नगर परिषद की बिल्डिंग में स्थापित लाला लाजपत राय कॉम्प्लेक्स में समस्याओं के बारे में आपके माध्यम से जानकारी मिली है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर में व्यस्त हूं। समारोह के बाद इस पर पूरी जानकारी टेक्निकल स्टाफ से ली जाएगी। इसके बाद यहां पर मार्केट का दौरा किया जाएगा। दौरे के दौरान जहां भी मुझे कोई समस्या या खामी मिलेगी तो उसे जल्द दूर करवा दिया जाएगा।
अशोक कुमार, ईओ, नगर परिषद, कैथल।