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डेरा सच्चा सौदा हिंसा मामले में सही जानकारी ना देने पर एसएचओ सिविल लाइन को सूचना आयोग का नोटिस

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डेरा सच्चा सौदा हिंसा मामले में सही जानकारी न देने पर एसएचओ सिविल लाइन को सूचना आयोग का नोटिस
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नोटिस जारी करके पूछा क्यों एक्ट के तहत कार्रवाई कर दी जाए, आरटीआई कार्यकर्ता ने की थी आयोग में अपील
सीवन एसएचओ रहते हुए इंस्पेक्टर धर्मपाल पर है सही सूचना न देने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डेरा सच्चा सौदा मामले में सूचना आयोग ने सिविल लाइन थाना प्रभारी धर्मपाल को सीवन में बतौर एसएचओ रहते हुए सूचना न देने पर नोटिस जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि क्यों न उन पर एक्ट की धारा के तहत कार्रवाई की जाए। आरटीआई एक्टिविस्ट ने इस संबंध में आयोग में शिकायत दी थी।
यह था मामल : गांव रसूलपुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता जयपाल ने बताया कि डेरा सच्चा सौदा मामले में अगस्त 2017 में हिंसा हुई थी। उस दौरान पुलिस ने गांव रसूलपुर में एक व्यक्ति के घर से दो बड़े सूटकेस, दो जिप्सी सहित भारी मात्रा में अन्य सामान बरामद किया था। प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की वीडियोग्राफी भी करवाई गई थी। लेकिन पुलिस ने अपनी एफआईआर में पूरे सामान का ब्योरा नहीं दिया। जिसमें पुलिस ने केवल तीन कारतूस दिखाए। जबकि आरटीआई से मिली वीडियो क्लीपिंग में स्पष्ट दिख रहा है कि पुलिस वहां से दो बड़े सूटकेस, जिप्सियां लेकर जा रही है। सूटकेस बेड के नीचे से निकालते हुए दिख रहे हैं और सूटकेस कहीं भी कैमरे के सामने नहीं खोले गए। पुलिस ने बाद में जब चालान प्रस्तुत किया तो यह सारी बरामदगी गांव से बाहर किसी जगह दिखा दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस के पास आरटीआई लगाई। जिसमें तत्कालीन एसएचओ धर्मपाल जो इस समय सिविल लाइन पुलिस थाने में कार्यरत हैं। उन्होंने सूचना दी कि पुलिस ने मौके से 3 कारतूस बरामद किए हैं। बाकी सामान के बारे में जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद सूचना आयोग में अपील दायर की कि वीडियो में कुछ और दिख रहा है, जबकि पुलिस आरटीआई से कुछ और ही जानकारी दे रही है। इस मामले में पुलिस ने पिछले सप्ताह ही तत्कालीन एसएचओ रणबीर सिंह जो इस समय करनाल में कार्यरत हैं और एक एएसआई रमेश, जो सीवन थाने में ही कार्यरत हैं, दोनों को चार्जशीट किया जा चुका है।
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अब इस मामले में सूचना आयोग ने सिविल लाइन एसएचओ धर्मपाल को नोटिस जारी किया है। जिसमें उनसे पूछा है कि गलत सूचना देने पर क्यों न उनके खिलाफ एक्ट की धारा के तहत कार्रवाई कर दी जाए। जयपाल ने बताया कि सूचना छिपाने पर आयोग अधिकारी को 25 हजार रुपये जुर्माना कर सकता है।
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गोला बारूद की भी बात आ रही है सामने : जयपाल ने बताया कि आरटीआई से मिली क्लीपिंग में तत्कालीन एसएचओ घर के मालिक को स्पष्ट कह रहा है कि आपके घर से गोला बारूद बरामद हो रहा है। यह बारूद क्या था? इस बारे में कोई जानकारी आज तक नहीं मिल पाई। उनकी एक ही मांग है कि इस तरह के गोला बारूद की बरामदगी होने के बावजूद भी मामले को दबाने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों और गोला बारूद रखने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
वहीं एसएचओ धर्मपाल ने कहा कि उन्होंने विभाग के रिकॉर्ड में जो सूचना थी, उसके अनुसार सूचना दे दी थी। नोटिस के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
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