कैथल।
जिले में पुलिस जागरूकता अभियान के बावजूद भी साइबर ठगी रुकने का नाम नहीं ले रही है। महीने में दो से तीन लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। पुलिस की ओर से साइबर ठगी के लिए शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है लेकिन लोग अपराधियों की मीठी- मीठी बातों में आकर रुपये गंवा रहे हैं। पिछले 10 महीने में सात करोड़ 93 लाख रुपये की ठगी हो चुकी है और 176 लोग साइबर ठगी के शिकार हुए हैं। इसके अलावा पुलिस 35 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
हालांकि रिकवरी के नाम पर पुलिस के हाथ कुछ खास सफलता हाथ नही लगी है। पुलिस समय- समय पर एडवाइजरी जारी करती है, लेकिन एडवाइजरी भी लोगों को समझ नहीं आ रही है। इसलिए ठगी से बचने के लिए पुलिस के जागरूक कार्यक्रम समझने की जरूरत है। जिले में साइबर शातिर अपराधी आए दिन नए- नए तरीके अपनाकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। ठग अलग- अलग बहाने बनाकर फोन व कंप्यूटर के जरिए स्थानीय लोगों के खातों से रुपये साफ कर रहे हैं। एक जरा सी चूक में खातों से हजारों रुपये साफ हो जाते हैं। पुलिस भी कार्रवाई करने का पूरा प्रयास करती है, लेकिन शातिर आरोपी पुलिस की गिरफ्त से सालों बाहर रहते हैं। ठगी होने के बाद लोगों को अपने साथ हुए इस अपराध का अहसास होता है।
ऐसे करते हैं ठगी-
शातिर ठग किसी के मोबाइल पर स्वीकृति अवधि समाप्त होने, एटीएम कार्ड को ब्लॉक होने, कंप्यूटर पर नए सॉफ्टवेयर डाउन लोड करवाकर किसी ने किसी तरह से खातों की जानकारी हासिल करते है और फिर खातों से रुपये साफ कर देते है। एक चूक लोगां को हजारों या लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा देती है।
ये है शिकायत-
पहली शिकायत : गांव देवबन निवासी महावीर ने तितरम थाना में मामला दर्ज करवाया हुआ है। तीन जून को उसके
फोन पर लिंक भेजकर 21 हजार 126 रुपए की ठगी हुई है। उसने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, तो उसके खाते से रुपये कटने शुरू हो गए।
दूसरी शिकायत : नीमवाला गांव निवासी श्याम सिंह की शिकायत पर राजौंद थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। श्याम ने बताया कि 4 जून को उसके क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसी ने 29,289 रुपये की ठगी की है।
तीसरी शिकायत : वैष्णो कॉलोनी निवासी बलवान सिंह ने शहर थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया हुआ है। बलवान की शिकायत अनुसार, 30 जुलाई को उसके फोन पर लिंक भेजकर 31,500 रुपये की ठगी की गई है।
चौथी शिकायत : माता गेट निवासी सुशील कुमार की शिकायत पर शहर थाना में दर्ज शिकायत के अनुसार 27 जुलाई को उसके खाते से 25 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई। इस दौरान शातिर ठगों ने ओटीपी पूछकर उनके खाते से राशि निकाल ली।
पांचवीं शिकायत : पोबाला निवासी राजेंद्र कुमार ने शिकायत दी थी कि साइबर ठगों ने 1 जुलाई को खुद को एसबीआई एजेंट बताकर अज्ञात आरोपी ने क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर 22,970 रुपये ठग लिए।
छठी शिकायत : गांव बिच्छिया निवासी देवराज कुमार की शिकायत पर चीका थाना में मामला दर्ज है। देवराज ने बताया था कि सात अगस्त को उसके साथ यूपीआई के माध्यम से 29 हजार रुपये की ठगी हुई। अज्ञात आरोपी ने उसके खाते से पैसे निकाले हैं।
सांतवीं शिकायत : शुगर मिल कालोनी निवासी पायल की शिकायत पर तितरम थाना में मामला दर्ज करवाया हुआ है। शिकायत में बताया कि 6 अगस्त को उसके साथ 42 हजार 600 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई है। पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है।
आठवीं शिकायत : सिरटा रोड कैथल निवासी सुरेश ने बताया कि 24 फरवरी को अज्ञात आरोपी ने खाते से 74,000 रुपये की ठगी कर ली।
नौवीं शिकायत : गुहणा निवासी अमित ने शिकायत दी कि 15 जुलाई को अज्ञात आरोपी ने क्रेडिट कार्ड पर लगी स्कीम हटाने के बहाने 47,297 रुपये की ठगी कर ली।
दसवीं शिकायत : बड़सीकरी खुर्द निवासी हरिंदर कौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17 मई को शातिर ठगों ने उसके खाते से 45,000 रुपये निकाल लिए। घटना का पता मोबाइल पर संदेश आने पर चला।
11वीं शिकायत : कुराड़ निवासी सुरेश देवी ने बताया कि 20 जून को रिवार्ड का लालच देकर अज्ञात आरोपी ने ओटीपी लेकर 50,000 रुपये की ठगी कर ली।
12वीं शिकायत : नानकपुरी कॉलोनी निवासी मामला राम ने बताया कि 5 अगस्त को योनो एसबीआई ऐप के माध्यम से अज्ञात आरोपी ने 49,500 रुपये निकाल लिए।
नागरिकों से अपील है कि किसी भी अज्ञात कॉल, मैसेज या लिंक पर अपनी बैंक डिटेल साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी थाना पुलिस से संपर्क करें।
शुभ्रांशु, एसएचओ साइबर थाना