कैथल। नई अनाज मंडी के आढ़तियों के लाइसेंस को लेकर चल रहे विवाद के बीच मार्केट कमेटी सचिव ने 199 लाइसेंस में से 170 लाइसेंस को रद्द कर दिया है। केवल 24 लाइसेंस वैध पाए। पांच आढ़तियों ने आवेदन ही नहीं दिया था। लाइसेंस रद्द होने से इन आढ़तियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कृषि मंत्री ने 27 अप्रैल को आढ़तियों को चंडीगढ़ बुलाया था। इससे पूर्व ही मार्केट कमेटी सचिव ने इन सभी 170 आढ़तियों को नोटिस जारी कर दिया है।
विदित रहे कि नई अनाज मंडी में लगभग 150 दुकानें हैं। इन पर 500 से अधिक लाइसेंस बने हुए हैं। पांच साल पहले तत्कालीन मार्केट कमेटी सचिव ने ऐसे आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू करने से इंकार कर दिया था, जिनके पास अपनी नियमानुसार दुकान नहीं हैं। या फिर एक दुकान पर दो या तीन लाइसेंस बने हुए थे। मंडी में कई ऐसी दुकानें भी हैं, जिन पर आढ़तियों के लाइसेंस नहीं बन सकते थे, लेकिन इनके लाइसेंस बने हुए हैं। ऐसे में आढ़तियों ने इस फैसले का विरोध किया था। इसके बाद हर सीजन में आढ़तियों को कभी तीन माह की तो कभी दो माह की मोहलत मिलती आ रही है। विधानसभा चुनाव में भी यह मुद्दा मंडी में प्रमुखता से उठा था और विधायक लीला राम ने आढ़तियों को लाइसेंस रिन्यू करवाने का आश्वासन देकर दो साल से उनका काम भी चलवाया है। उधर, कुछ आढ़ती इस फैसले के विरोध में हाईकोर्ट में चले गए थे। जहां से हाईकोर्ट ने आठ सप्ताह का समय देते हुए मार्केट कमेटी सचिव को नियमानुसार फैसला लेने को कहा था। यह अवधि आगामी 29 अप्रैल को समाप्त हो रही है। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कैथल दौरे के दौरान आढ़तियों को आश्वासन दिया था। इसके बाद आढ़ती 27 अप्रैल को चंडीगढ़ जाएंगे। इससे पहले ही मार्केट कमेटी सचिव ने 170 लाइसेंस अवैध पाए जाने पर उनके लाइसेंस रिन्यू करने के आवेदन को रद्द करते हुए सभी को नोटिस जारी कर दिया है। विवादित लाइसेंस में 24 लाइसेंस ही वैध पाए हैँ। शेष पांच ने आवेदन ही नहीं दिया।
उधर, पीड़ित आढ़ती अरुण कुुमार ने कहा कि उसने किराये पर दुकान ली हुई है। यह छोटी दुकान है, जिससे उसका काम चल रहा है। अब अधिकारी कह रहे हैं कि पूरी बड़ी दुकान लो, जब उन्हें जरूरत ही नहीं है तो बड़ी दुकान क्यों लें। जब ये लाइसेंस अवैध थे तो पहले बनाए ही क्यों गए थे? हाईकोर्ट ने आढ़तियों को आश्वासन दिया था, यदि अब सुनवाई नहीं हुई तो फिर से हाईकोर्ट में जाएंगे।
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रामकुमार गर्ग ने कहा कि बसाऊ राम ने नोटिस जारी कर दिए हैं। इसके विरोध में सीए के पास अपील डालेंगे। यदि कोई सुनवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ेगी।
मार्केट कमेटी सचिव बसाऊ राम ने बताया कि जो लाइसेंस की शर्त होती है, 170 लाइसेंस धारक उन शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे। कोर्ट के आदेश थे कि लाइसेंस के बारे में फैसला लिया जाना था। आढ़तियों को मौका दिया। कुछ ठीक पाए हैं। सरकार के जैसे आदेश होंगे, उस अनुसार आगामी फैसला ले लिया जाएगा।