रोडवेज ड्राइवरों को अब नहीं करना पडे़गा ओवरटाइम, हफ्ते में दो दिन मिलेगा आराम
- सरकार ने खत्म किया ओवरटाइम, कर्मचारी नहीं ले सकेंगे इस वेतन का लाभ
अभी प्रदेश में 85 प्रतिशत कर्मचारियों को दिया जाता है ओवरटाइम का वेतन, सरकार को प्रतिमाह होगा 2.5 करोड़ रुपये का फायदा
फोटो नंबर-15
कमल बहल
कैथल। सरकार की ओर से चालकों व परिचालकों का ओवरटाइम खत्म करने के फैसले के बाद अब सरकार को रोजाना लाखों रुपये का फायदा होगा। ओवरटाइम में ड्यूटी देने वाले चालकों व परिचालकों पर सरकार को प्रतिमाह 2.5 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते थे। जिसका अब कर्मचारी को कोई फायदा नहीं होगा। लेकिन उन्हें हफ्ते में दो दिनों का रेस्ट जरूर मिल जाएगा। साथ ही वे अब सरकार की ओर से ओवरटाइम ड्यूटी करने के लिए बाध्य नहीं रहेंगे। सरकार द्वारा 48 घंटे की ड्यूटी का समय तय करने के फैसले पर रोडवेज के कई संगठनों ने स्वागत भी किया है।
वर्तमान में सात हजार से अधिक चालक व परिचालक ले रहे हैं लाभ : हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य पहल सिंह तंवर ने कहा कि इस फैसले से अब चालक व परिचालकों पर ड्यूटी की बाध्यता नहीं रहेगी। जिससे वह अपने परिवार को पूरा समय दे सकेंगे। पहले ऐसा नहीं होता था। तंवर ने बताया कि सरकार के फैसले से पहले वर्तमान में सात हजार से अधिक चालक व परिचालक इसका लाभ ले रहे थे। लेकिन अब सरकार को नए चालकों व परिचालकों को तैनात करना पड़ेगा।
रोटेशन के मुताबिक दिया जाता है ओवरटाइम : ओवरटाइम में ड्यूटी करने वाले चालकों व परिचालकों को दो प्रकार से वेतन दिया जाता है। जो चालक या परिचालक पुराने हैं उन्हें 450 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से रुपये दिए जाते हैं। उसी प्रकार से जो कर्मचारी नए हैं उन्हें 150 से 250 रुपये प्रति घंटे रुपये दिए जाते हैं।
रोजाना 10 लाख रुपये देती थी सरकार : विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ओवरटाइम खत्म करने से पहले सरकार पूरे प्रदेश में रोजाना 10 लाख रुपये के करीब चालकों व परिचालकों को ओवरटाइम का वेतन देती थी। लेकिन अब बस चलाने वाले कर्मचारी इस वेतन का लाभ नहीं उठा सकेेंगे।
अब एक सप्ताह में दो दिनों का मिलेगा रेस्ट : कैथल डिपो के जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि ओवरटाइम खत्म करने के फैसले के बाद अब चालकों व परिचालकों को एक सप्ताह में दो दिन का रेस्ट मिल सकेगा। जो चालक या परिचालक लगातार आठ घंटे से अधिक की लगातार ड्यूटी करता है, उसकी ड्यूटी तो लगातार चलेगी। लेकिन उसे ओवरटाइम की बजाय सप्ताह के अंत में दो दिनों का आराम दे दिया जाएगा। इनके स्थान पर अन्य चालक व परिचालक बस पर तैनात रहेंगे।