भाकियू प्रदेश महासचिव के घर में घुसकर बिजली निगम के एसडीओ व जेई पर महिलाओं से बदसलूकी करने का आरोप लगा ग्रामीणों ने की नारेबाजी
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अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। भाकियू प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा के घर में बिजली निगम के अधिकारियों द्वारा महिलाओं के साथ बदसलूकी करने के विरोध में ग्रामीणों ने नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। पंचायत घर पबनावा में बिजली एवं पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ भूरा राम पबनावा के नेतृत्व में ग्रामीण एकत्रित हुए थे।
भूरा राम ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग ढांड के एसडीओ व जेई ने उनकी अनुपस्थिति में घर पर गैर कानूनी तरीके से प्रवेश किया। घर में अकेली महिला के साथ धक्का मुक्की करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग करना महिलाओं के अधिकारों का हनन है। जिसके विरोध में पुलिस को शिकायत देने के बावजूद भी आज तक बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं की जा रही है। जबकि सरकारी अधिकारियों के कहने पर ग्रामीणों के खिलाफ झूठी शिकायत तुरंत दर्ज की जाती है। पबनावा ने पुलिस प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है। भाकियू युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने ग्रामीणों से हाथ उठाकर भूरा राम के समर्थन की बात कही तो ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि पूरा गांव भूरा राम के साथ कुछ भी करने को तैयार है। ग्रामीणों के एकमत से फैसला लिया गया कि 20 जनवरी तक बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई नहीं कि तो 21 जनवरी को ग्रामीणों के साथ प्रदेश स्तर के भाकियू नेताओं की आपात बैठक में आगे की रणनीति पर विचार होगा। जिसमें कड़ा फैसला लिया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों ने फैसला लिया कि जब तक स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं हो जाती, किसानों को पूर्ण रूप से कर्ज मुक्त नहीं किया जाता, बिजली के बकाया बिल माफ नहीं किए जाते तब तक बिजली विभाग का कोई भी खुला दरबार गांव में नही लगने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने फैसला लिया कि आज के बाद गांव में बिजली निगम का कोई भी कर्मचारी आया तो उसे बंधक बनाया जाएगा।
ढांड थाना प्रभारी शिवकुमार ने बताया कि बिजली निगम के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई। एसपी को मामले से अवगत करवा दिया गया है। जैसे ही आदेश आएंगे उसी अनुसार जो भी कार्रवाई बनेगी की जाएगी।
बिजली निगम के एसडीओ कुलदीप ने बताया कि जिस समय विभाग ने छापेमारी की उस समय घर में कोई महिला नहीं थी। जिन लोगों ने प्रदर्शन किया उनका पिछले काफी लंबे समय से बिल पेंडिंग पड़ा है। जो वे विभाग के कर्मचारियों पर आरोप लगा रहे है वे सरासर गलत है।