करोड़ा गांव की बॉक्सिंग खिलाड़ी नैतिक बनवाला कम उम्र में ही दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी है। 15 साल की उम्र में राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है । अंडर-15 वर्ग की बॉक्सर की मेहनत और जज्बे की चर्चा खेल जगत में तेजी से हो रही है। नैतिक ने 11 साल की उम्र से बॉक्सिंग खेलना शुरू किया था। शुरुआत में उसने स्थानीय इंडोर स्टेडियम में अभ्यास किया, लेकिन उसकी प्रतिभा को देखते हुए उसे बेहतर प्रशिक्षण के लिए सेना खेल संस्थान में चयन हो गया जो पुणे में है। पेशेवर स्तर की सुविधाएं और कोचिंग मिली जिसने उसके खेल को नई ऊंचाई दी। नैतिक के पिता रणदीप सिंह ड्राइवर हैं और माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी। घर की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद माता-पिता ने हर संभव सहयोग देकर उसे आगे बढ़ाया। नैतिक की दो बहनें और एक भाई हैं, जो उसका हौसला बढ़ाते हैं।
खेल उपलब्धियों की बात करें तो नैतिक एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकी है, इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर तीन स्वर्ण पदक और राज्य स्तर पर भी तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। दो बार महाकुंभ प्रतियोगिता में वह दूसरे स्थान पर रही है। उपलब्धियों ने उसे उभरती हुई स्टार खिलाड़ी बना दिया है। रोजाना सुबह तीन घंटे और शाम को तीन घंटे अभ्यास करती है। कोच अमरजीत ने उसे तकनीक, फिटनेस और मानसिक मजबूती पर विशेष प्रशिक्षण देते हैं। कोच का कहना है कि नैतिक में अनुशासन, आत्मविश्वास और जीतने का जज्बा है, जो उसे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता दिला सकता है। सरकारी स्कूल करोड़ा में 11वीं कक्षा की छात्रा है और पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी संतुलन बनाए रखती है। नैतिक का सपना देश के लिए ओलंपिक में पदक जीतना है।