मां कालरात्रि की पूजा कर मांगी मन्नतें, आज होगा कंजक पूजन
सातवें नवरात्र शहर के सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मंगलवार को सातवें नवरात्र के उपलक्ष्य में मां कालरात्रि की पूजा हुई। सातवें नवरात्र शहर के सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बुधवार को अष्टमी पर्व होने के कारण बाजार में रौनक रही। श्रद्धालुओं ने कंजक पूजन के लिए सामान खरीदा। शहर के बड़ी देवी और छोटी देवीं मंदिर में भक्तों की लंबी लंबी कतारें लगी रही। भक्तों ने मां कालरात्रि की पूजा कर मन्नतें मांगी।
मां कालरात्रि की पूजा कर लिया श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद
कलायत। मां दुर्गा के चल रहे नवरात्र के सातवें दिन श्रद्धालुओं ने मां कालरात्रि की पूजा की। मां कात्यायनी शक्ति पीठ के मुख्य पुजारी वेद प्रकाश गौतम ने कहा कि मां दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। दुर्गा पूजा के सातवें दिन मां कालरात्रि की उपासना में साधक का मन सहस्रार चक्र में स्थित रहना है। इससे ब्रह्मांड की समस्त सिद्धियों का द्वार खुलने लगता है। देवी कालात्रि को व्यापक रूप से माता काली, महाकाली, भद्रकाली, भैरवी, रुद्रानी, चामुंडा, चंडी और दुर्गा के कई विनाशकारी रूपों में से एक माना जाता है। मां काली और कालरात्रि दोनों ही एक स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि देवी के इस रूप में सभी राक्षस, भूत, प्रेत, पिशाच और नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है। मां के इस स्वरूप का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है। सिर के बाल बिखरे हुए हैं। गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है। इनके ब्रह्मांड के सदृश तीन गोल नेत्र हैं जिनसे विद्युत के समान चमकीली किरणें निकलती प्रतीत होती हैं। मां की नासिका के श्वास-प्रश्वास से अग्नि की भयंकर ज्वालाएं निकलती रहती हैं। इनका वाहन गर्दभ है। वे शुभंकारी देवी हैं। उनकी उपासना से होने वाले शुभों की गणना नहीं की जा सकती। उनका निरंतर स्मरण, ध्यान और पूजा करने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है।
राजौंद। पावन नवरात्र के सातवें दिन मंदिरों में मां के श्रद्धालुओं ने मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा अर्चना की। मंगलवार को अंतिम नवरात्र के दौरान मंदिरों में काफी भीड़ रही। मंदिर के पुजारी ने बताया कि नवरात्र उपवास रखने वाले श्रद्धालु अष्टमी को कंजक पूजन के साथ अपना उपवास खोलते हैं, जबकि कई श्रद्धालु नवमी को उपवास खोलते हैं।