अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। चैत्र नवरात्रों के दूसरे दिन भी शहर के मंदिरों में मां के भक्तों का तांता लगा रहा। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा हुई। शहर के प्रसिद्ध मंदिर बड़ी देवी और छोटी देवी मंदिर में हजारों की तादाद में श्रद्धालु पूजा अर्चना कर मन्नतें मांग रहे हैं। सुबह व शाम के समय मंदिर में परिसर में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। बड़ी देवी मंदिर के पुजारी हरिपुरी ने बताया कि ब्रह्मा की शक्ति होने से यह स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी नाम से लोक प्रसिद्ध हुआ। ब्रह्मा सृष्टि के सजक हैं और ब्रह्मचारिणी उनकी शक्ति है। जब मानसपुत्रों से सृष्टि का विस्तार नहीं हो सका तो ब्रह्मा ने इसी शक्ति से सृष्टि का विस्तार किया। इसी कारण स्त्री को सृष्टि का कारक माना गया है।
ब्रह्मचारिणी की अर्चना कर की मंगल कामना
राजौंद। दूसरे नवरात्र के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना कर मंगल कामना की। नवरात्रों से संबधित सामान खरीदने वाले श्रद्धालु प्रसाद, नारियल, आलू, कुट्टूू के आटे की खरीददारी कर रहे है। महंगाई के इस दौर में फल व व्रत से संबधित सामग्री खरीदने वालों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। उधर दुर्गा मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, भद्रकाली मंदिर, बाबा बहादुर बण मंदिर में श्रद्धालुओं की चहल पहल ने पूरे नगर के वातावरण को भक्तिमय बना दिया है। सुबह 4 बजे से नगर के मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा माता के जयघोष से पूरा नगर ही मां के रंग में रंगता हुआ नजर आने लगता है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि नवरात्र में माता रानी की पूजा का अपना विशेष महत्व है। माता रानी अपने भक्तों के सभी दुखों को हरती है और उनकी सभी मनोकामना पूर्ण करती है। नवरात्रों में दुर्गा सप्तशति का पाठ करने से घर में शांति आती है तथा मानसिक चिंताओं का हनन होता है। सुख समृद्धि आती है और हर प्रकार के कष्टों का निवारण मां दुर्गा की पूजा अर्चना से होता है।
नवरात्र के दूसरे दिन हुई मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, मंदिरों में लगा भक्तों का तांता
बड़ी देवी और छोटी देवी में सुबह शाम श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर मांग रहे मन्नतें
बड़ी देवी और छोटी देवी में सुबह शाम श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर मांग रहे मन्नतें
फोटो नंबर-16 से 18