फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साहब! बच्चे को स्कूल में नीचे बैठाते हैं, गला पकड़कर घसीटते हें, शौचालय भी नहीं जाने देते

विज्ञापन
विज्ञापन
साहब! स्कूल की शिकायत की तो बच्चे को शौचालय जाने से रोका, गला पकड़कर घसीटा
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर के प्रतिष्ठित सिल्वर ऑक पब्लिक स्कूल में एक 5 साल के मासूम बच्चे को स्कूल में प्रताड़ित करने के आरोप में पुलिस ने स्कूल की एक अध्यापिका सहित प्रबंधन के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया है। स्कूल में एक अध्यापिका, प्रिंसिपल व प्रबंधन पर आरोप है कि वे बच्चे के पिता द्वारा की गई शिकायतों के कारण बच्चे का गला पकड़ने, उसे नीचे बैठाने सहित कई तरह से प्रताड़ित करते हैं। वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना है कि शिकायतकर्ता को स्कूल के 14000 रुपये वार्षिक चार्ज देने हैं। जिन्हें छुड़वाने के लिए वह लंबे समय से शिकायतें कर रहा है। स्कूल सीएम विंडो की जांच में निर्दोष साबित हो चुका है। वह झूठी शिकायतें कर रहा है।
शिकायतकर्ता आदर्श नगर निवासी महेश कुमार ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड सहित कई अधिकारियों को शिकायतें दी थीं। जिसमें उसने बताया था कि वह एक संस्था के माध्यम से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों व अभिभावकों के हितों के लिए काम करता है। उसने दाखिले के समय कई तरह की शिकायतें की थीं। जिनमें एक जांच में स्कूल दोषी पाया गया था। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने दोबारा से जांच की अपील की तो अब डीईओ द्वारा तीन स्कूलों के प्रिंसिपलों की कमेटी को उनकी शिकायतों की जांच के लिए जिम्मेवारी सौंपी है। इस कमेटी की अभी रिपोर्ट नहीं आई है। इस शिकायत के कारण अब आरोपी उसे धमकी देते हैं और उसके बच्चे को जो कि सिल्वर ऑक पब्लिक स्कूल में केजी में पढ़ता है उसका भविष्य खराब करने की धमकी दी जा रही है। पूजा मैडम उसके बच्चे का गला पकड़कर घसीटती है। बच्चे को स्कूल के समय में जमीन पर बैठाया जाता है। उसे शौचालय व पानी पीने भी नहीं जाने दिया जाता। पूजा मैडम स्कूल प्रबंधन के कहने पर यह कार्य कर रही है। ताकि उस पर दबाव बनाया जा सके और वह शिकायत वापस ले ले। उसने कई दिनों से अपने बच्चे को स्कूल नहीं भेजा है। इस शिकायत के बाद जेजे बोर्ड में न्यायाधीश अंबरदीप सिंह ने पुलिस को केस दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए। जिस पर थाना शहर पुलिस ने अध्यापिका पूजा, स्कूल प्रिंसिपल व प्रबंधन के खिलाफ गला पकड़ने सहित जेजे एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन

इस आरोप पर स्कूल प्रबंधन कमेटी के चेयरमैन कमलेश चौधरी ने कहा कि इस व्यक्ति से स्कूल को वार्षिक 14000 रुपये का शुल्क लिया जाना था। जिसके लिए उसने चेक दिया था। यह चेक बाउंस हो गया। इसके बाद वह कहने लगा कि वह यह पैसे नहीं दे सकता। जिस पर मामले को लंबित रख लिया गया था। इसके बाद उसने कई जगह शिकायतें कीं। अब डीईओ द्वारा स्कूल में जांच के लिए तीन प्रिंसिपलों की कमेटी भी बनाई हुई है। सीएम विंडो पर भी शिकायत दी गई थी। इस शिकायत में स्कूल पूरी तरह से निर्दोष साबित हुआ। शिकायत झूठी पाई गई थी। चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर ने भी स्कूल का दौरा किया था। जिसमें कुछ नहीं मिला। अब शिकायतकर्ता ने कोर्ट में सीएम विंडो पर बंद हो चुकी शिकायत का तथ्य छिपाते हुए शिकायत की। जिस पर न्यायालय के निर्देश पर केस दर्ज होने की जानकारी मिली है। जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। स्कूल की ओर से महेश कुमार पर स्कूल में जाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर केस दायर किया गया है। साथ ही उसे 10 लाख रुपये का हर्जाना देने का नोटिस भेजा गया है। जिस कारण ये आरोप लगाए हैं।
विज्ञापन

जांच अधिकारी साहब सिंह ने कहा कि स्कूल प्रबंधन व पूजा अध्यापिका के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्कूल में जाकर मामले की छानबीन की गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने कहा कि एक शिकायत मिली थी कि सिल्वर ऑक पब्लिक स्कूल में बच्चे का गला पकड़कर घसीटा जाता है। साथ ही कुछ अन्य आरोप भी थे। तीन स्कूलों के प्रिंसिपलों की कमेटी इस मामले की जांच कर रही है। अभी उनके पास रिपोर्ट नहीं आई है।


-बच्चे के पिता ने सिल्वर ऑक पब्लिक स्कूल पर लगाया आरोप, पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया मामला
- गला पकड़ने के आरोप में अध्यापिका, स्कूल प्रिंसिपल सहित प्रबंधन समिति के खिलाफ केस दर्ज
फोटो संख्या-15
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें