कैथल। टीके की सिरिंज से नशा करने के आदी एड्स के संक्रमण जाल में फंस रहे हैं। सिरिंज के माध्यम से ये वायरस उनकी नशों में घर कर रहा है। गत वर्ष 24,000 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, इसमें 124 संक्रमित मिले हैं। जबकि तीन वर्ष का ये ग्राफ 596 पर है। इनमें 55-60 प्रतिशत रोगी ऐसे पाए गए हैं, जिन्हें सिरिंज से नशा करने की आदत है। ये ग्रुप में टीके से मेडिकल नशा या चरस का सेवन करते हैं और एक ही सिरिंज से सभी इस्तेमाल करते हैं। इससे संक्रमण का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।
विभाग के अनुसार पूंडरी, गुहला क्षेत्र में एचआईवी के केस ज्यादा हैं, यहां नशे का प्रभाव ज्यादा है। नशा के आदी लोग इंजेक्शन लगाने के लिए एक सुई का बार-बार प्रयोग करते हैं, जो बीमारी का शिकार बन रहे हैं। लापरवाही के चलते ही एचआईवी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। संक्रमित मरीज से दूसरे व्यक्ति के इसकी चपेट में आना, लगातार नशे के सिरिंज का प्रयोग करने के साथ-साथ माता से शिशु के बीच संक्रमण फैलना है। मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार स्क्रीनिंग करता है। पुष्टि होने के बाद नागरिक अस्पताल में खोले गए एआरटी सेंटर में मरीजों की काउंसलिंग कर दवाई दी जाती है। जिले में कैथल, गुहला, कलायत व पूंडरी में एआरटी सेंटर सेंटर बनाए गए हैं।
4 करोड़ 74 लाख की सहायता राशि दी
साल 2023 से लेकर 2024 तक विभाग की तरफ से करीब 800 एआरटी सेंटर में उपचाराधीन मरीजों को 4 करोड़ 74 लाख 34 हजार 500 रुपए की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। नियम के मुताबिक जो मरीज एआरटी सेंटर में नियमित तौर पर उपचार लेता है तो उसे सरकार की तरफ से 2,250 रुपये की वित्तीय राशि हर माह के हिसाब से दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग लगातार धरातल पर जाकर स्क्रीनिंग कर रहा है। एचआईवी पॉजिटिव मिलने वालों में अधिकतर संख्या इंजेक्शन से नशा करने वालों की है।
बढ़ रहा नशा, पुलिस ने 198 तस्कर पकड़े
पुलिस ने गत वर्ष मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट तहत दर्ज 112 मामले दर्ज करके 198 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से 14 किलो 505 ग्राम अफीम, 10 किलो 976 ग्राम चरस, 101 किलो 430 ग्राम चूरा पोस्त, 11.45 ग्राम स्मैक, 268.90 ग्राम हेरोइन, 76 किलो 664 ग्राम गांजा, 1622 किलोग्राम डोडोपोस्त, 3 किलो 935 ग्राम अफीम फसल, 305 इंजेक्शन तथा 66 हजार नशीली गोलियां बरामद की गईं, जिसमें से 21 मामले कॉमर्शियल क्वांटिटी के हैं, जिनमें 55 आरोपी काबू किए गए।
एचआईवी पॉजिटिव व स्क्रीनिंग का आंकड़ा-
वर्ष स्क्रीनिंग की गई मरीज मिले
2023 38,600 270
2024 40,900 200
2025 (अप्रैल से नवंबर) 24,000 124
एचआईवी फैलने का मुख्य कारण-
-इंजेक्शन से नशा करना
-असुरक्षित यौन संबंध
-संक्रमित रक्त या रक्त उत्पाद बढ़ने से
-संक्रमित मां से उसके होने वाले बच्चे को
डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. संदीप बातिश ने बताया कि जो लोग समूह में सिरिंज के माध्यम से किसी नशे का इस्तेमाल करते हैं, उनमें संक्रमण की संभावना अधिक होती है। इनमें हैपेटाइटिस, एड्स-एचआईवी वायरस फैलते हैं। जब मरीज उपचार को आता है तो उसकी हिस्ट्री जानी जाती है। उसे अंदाजा होता है कि यूज्ड सिरिंंज या अन्य किसी कारण से संक्रमण हुआ है।