शहर में प्रभावित हुआ सफाई का काम, नप के दूसरे कर्मचारियों को लगाया सफाई पर
स्वच्छता सर्वेक्षण पर ग्रहण: परिषद ने सफाई ठेकेदार के रोके 16 लाख रुपये
शहर में प्रभावित हुआ सफाई का काम, नप के दूसरे कर्मचारियों को लगाया सफाई पर
कर्मचारी बोले सफाई करना हमारा काम नहीं क्यों करेेे सफाई?
फोटो नंबर-02 व 03
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत चार जनवरी से स्वचछता सर्वेक्षण शुरू हो चुका है। जिसको लेकर नप की ओर से शहर में सफाई के कड़े बंदोबस्त जारी है। लेकिन नप ने इस महीने सफाई के ठेकेदार के सफाई के टेंडर में अलॉट हुए 16 लाख रुपये की राशि को रोक दिया है। जिससे रुपये न मिलने से कुछ सफाई कर्मचारियों शहर में सफाई करना बंद कर दिया है। शहर में सफाई न होने से जगह जगह गंदगी का आलम है। ठेकेदार की राशि उसे न मिलने के कारण शहर में ठेकेदार के माध्यम से सफाई करने वाले कर्मचारियों ने अपना काम रोक दिया है। जिससे शहर में गंदगी का आलम बना है।
नप ने दूसरे कर्मचारियों को लगाया सफाई के कार्य पर:-
ठेकेदार की 16 लाख रुपये की पेमेंट रोकने के बाद नप ने दूसरे कर्मचारियों को सफाई पर लगा दिया है। लेकिन वहीं इन कर्मचारियों ने नप के खिलाफ रोष है। इन कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनका काम शहर में सफाई करना नहीं है। बल्कि उनका काम तो नगर परिषद के अंदर तक ही सीमित है। जिस पर उन्होंने मुख्य सफाई निरीक्षक पर रोष जताया था। लेकिन उसके बावजूद उन्हें सफाई के कार्य पर लगा दिया है। जो उनका काम ही नहीं है। वहीं ठेकेदार मोहन ने कहा कि उनकी जो भी पेमेंट रुकी है वह दिसंबर महीने की है। जो आ जाएगी। शहर में सफाई करवाई जा रही है।
स्वच्छता सर्वेक्षण पर पड़ेगा असर:-
यदि शहर में सफाई को लेकर यही हाल रहा तो स्वच्छता सर्वेक्षण पर काफी प्रभाव पड़ेगा। इस बार सफाई को लेकर सर्वेक्षण में 2500 अंक दिए जाएंगे। यदि सफाई नहीं हुई तो कैथल इन अंकों में पिछड़ सकता है।
ली जाएगी जानकारी:-
ईओ अशोक कुमार ने बताया कि ठेकेदार के पेमेंट के बारे उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जानकारी के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है। इसकी जानकारी ली जाएगी।