किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए पैरी अर्बन एग्रीकल्चर को दिया जा रहा है बढ़ावा : धनखड़
अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। भाजपा किसान मोर्चा द्वारा कलायत में किसान जमावड़ा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किसानों को संबोधित किया।
धनखड़ ने कहा कि किसान को जोखिम मुक्त बनाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। यहां का किसान या तो फसल बीमा में कवर है या फिर किसान को फसल नष्ट होने पर 12 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाता है। पिछले तीन साल में प्रदेश सरकार द्वारा तीन हजार करोड़ रुपये पीड़ित किसानों को मुआवजे के तौर पर दिए हैं। किसानों से हरियाणवी में सीधा संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे प्रदेशों में रह रहे अपने जानकारों से बूझ लेणा ये बात। हरियाणा तै ज्यादा मुआवजा कितै नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादन में हरियाणा को बहुत आगे ले गया है। आज किसान को इसकी आवश्यकता है कि वह स्वयं मार्केटिंग भी सीखे। यदि किसान स्वयं अपना उत्पाद बेचना सीख जाएगा तो अधिक मुनाफा कमा सकेगा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को मार्केटिंग के गुर सिखाने के लिए हमने हिसार में एग्रो बिजनेस स्कूल आरंभ किया है। अन्य जिलों में भी ऐसे स्कूल खोलने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि किसान की हालत के लिए कांग्रेस जिम्मेवार है। कांग्रेस ने किसान की कमर में छुरा घोंपा और एक ही दिन में 37 हजार करोड़ की सब्सिडी खत्म कर दी थी। खाद के दाम 400 से 1200 पहुंचा दिए थे। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट कांग्रेस के राज में आ गई थी पर उसे लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर स्वामीनाथन ने खुद माना है कि वर्तमान भाजपा सरकार उनकी सिफारिशों को लागू कर रही है। स्वामीनाथन आयोग की दस हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की सिफारिश को हमने लागू किया। हुड्डा अपने राज में छह हजार प्रति एकड़ मुआवजा देते थे। उनकी दस हजार की घोषणा थी, हमने 12 हजार दिया।
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने किसानों का आह्वान किया कि वे समाज में जाति-पाति का जहर फैलाने वाले नेताओं को नकार दें। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 70 वर्षों में से 60 वर्ष तक शासन करने वाले कांग्रेस पार्टी ने किसानों के नाम पर केवल वोट प्राप्त किए तथा किसानों के कल्याण के लिए कार्य नहीं किया। किसान परिवार से जुड़ा होने के कारण वे किसान के दु:ख दर्द व पीड़ा को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि वे घटती जोत को मद्देनजर रखते हुए कृषि के अन्य सहायक धंधे भी अपनाएं, ताकि उनकी आमदनी बढ़ सके। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष समय सिंह भाटी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। कार्यक्रम को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मपाल शर्मा, जिलाध्यक्ष सुभाष हजवाना, अजीत चहल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर गुला के विधायक कुलवंत बाजीगर, सीएम ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र सिंह, रणधीर गोलन, रामपाल राणा, कमलेश ढांडा, विरेंद्र छौत, धर्मबीर डागर, अशोक ढांड, रोहताश पाड़ला, रामफल, सुरेश राविश, प्रीतम कौलेखां, धुम्मन सिंह किरमच, सुरेंद्र गुज्जर, गुरनाम जाजनपुर, जशमेर फिरोजपुर, नरेश हरसौला, जगीर सिसला, मनीष कठवाड़, राजेंद्र संधु, राजेश बरवाला सहित पार्टी एवं किसान मोर्चा के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
...और मंच छोड़कर चले गए भाजपा नेता
भाजपा किसान जमावड़ा कार्यक्रम में मंच संचालक द्वारा बार-बार मंच छोड़ने के एलान से कई भाजपा नेता नाराज हो गए। मंच संचालक द्वारा बार-बार एलान किया गया कि किसान मोर्चा को छोड़कर अन्य कोई भी नेता मंच पर न बैठे। इस बात को कई बार दोहराए जाने पर पार्टी के जिला प्रभारी सत्यवान शेरा, प्रदेश नेता रणधीर गोलन, अशोक ढांड, मार्केट कमेटी कैथल के राजपाल तंवर, भाजपा नेता अरुण सर्राफ, हरपाल चीका, राममेहर शर्मा, महामंत्री संजय भारद्वाज, मुख्त्यार साकरा मंच छोड़कर चले गए। वे कलायत में ही एक भाजपा नेता के प्रतिष्ठान पर बैठे रहे। इसके बाद विधायक कुलवंत बाजीगर उन्हें मनाने के लिए भी पहुंचे। लेकिन जब तक वे उन्हें मना कर लाते, तब तक जमावड़ा कार्यक्रम समाप्त हो चुका था। विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि बार-बार मंच छोड़ने के लिए कहा गया तो पार्टी के नेता मंच से उतर गए थे। उन्हेें बुला लिया गया था। दूसरी ओर किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि भाजपा नेता ही मंच छोड़ दें। यह एलान केवल ऐसे लोगों के लिए किया गया था, जो मंच पर अनावश्यक मौजूद थे।