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Kaithal News: मटकी सजावट प्रतियोगिता में 11 प्रतिभागी किए सम्मानित

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कथा में प्रवचन देते हुए साक्षी गोपाल दास
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कैथल। इस्कॉन प्रचार समिति, कैथल की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर कथाव्यास साक्षी गोपाल दास महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म और कर्मों की महिमा का विस्तार से वर्णन किया।
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इस अवसर पर मटकी सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में चयनित 11 सर्वश्रेष्ठ मटकियों को सम्मानित किया गया और विजेताओं को प्रसाद और आशीर्वाद प्रदान किया गया।
उन्होंने कहा कि भगवान स्वयं श्रीमद्भगवद्गीता में अर्जुन से कहते हैं कि उनके जन्म और कर्म दिव्य हैं और जो इन्हें तत्व से जान लेता है, वह जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त होकर भगवान के धाम को प्राप्त करता है। कथा के दौरान व्यासपीठ से भगवान के वैकुंठ धाम, उनकी भक्ति और छह ऐश्वर्यों से युक्त भगवान की परिभाषा का भी वर्णन किया गया।
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उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ही स्वयं भगवान हैं और उनसे श्रेष्ठ या उनके समान कोई नहीं है। कृष्ण कथा की महिमा बताते हुए कहा कि जैसे गंगा तीनों लोकों को पवित्र करती है, उसी प्रकार श्रीकृष्ण कथा का श्रवण करने वाला, आयोजन करने वाला और उसमें भाग लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति पवित्र होता है।
कथावाचक ने महाराज परीक्षित और शुकदेव गोस्वामी के संवाद का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार महाराज परीक्षित ने भूख-प्यास की चिंता किए बिना केवल भगवान श्रीकृष्ण की कथा सुनने की प्रार्थना की।
उनकी भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर शुकदेव गोस्वामी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। प्रेस सचिव भारत मदान ने बताया कि पंचम दिवस पर प्रत्येक वर्ष की तरह भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कथा पंडाल को फूलों, गुब्बारों और खिलौनों से सजाया गया। नंद बाबा के स्वरूप में एक भक्त भगवान श्रीकृष्ण की झांकी लेकर पहुंचे।

कथा में प्रवचन देते हुए साक्षी गोपाल दास

कथा में प्रवचन देते हुए साक्षी गोपाल दास

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