ई-मंडी के विरोध में आज बंद रहेंगी अनाज मंडियां
- सरकार नहीं मानीं तो 23 जनवरी को जींद में होगा आढ़तियों द्वारा रैली का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल/पाई। ई-मंडी के विरोध में अनाज मंडियां मंगलवार को बंद रहेंगी। हालांकि इस समय किसी फसल का सीजन नहीं हैं। लेकिन करीब-करीब सभी मंडियों में धान की आवक हो रही है। जिससे आढ़तियों, किसानों व मजदूरों को काम मिला हुआ है।
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण बंसल ने बताया कि सरकार द्वारा ई-खरीद प्रणाली को लागू करके किसान व आढ़तियों के बीच के आपसी भाईचारे को खत्म किया जा रहा है। जिससे हजारों नहीं बल्कि प्रदेश में लाखों रोजगार खत्म होंगे। उनकी मांग है कि इस प्रणाली को लागू न करके पहले की तर्ज पर खरीद हो। यदि सरकार ने इसके बाद भी उनकी मांग नहीं मानीं तो 23 जनवरी को जींद उप-चुनाव से पहले जींद में रैली का आयोजन किया जाएगा। जिसमें सरकार के फैसले का विरोध होगा।
उधर, पाई मंडी प्रधान रणधीर ढुल ने बताया कि किसान आढ़तियों से उनकी फसल मंडियों में आने से पहले ही उसकी अदायगी एडवांस में लग चुके होते है, फिर उनके खाते में सीधी अदायगी का कोई तुक ही नहीं बनता।
वहीं, हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल केे राष्ट्रीय महासचिव बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार द्वारा अनाज कि खरीद ऑनलाइन करने व फसल का भुगतान आढ़तियों के माध्यम से न करने के विरोध में 15 जनवरी 2019 को हरियाणा की सभी मंडियों में हड़ताल रहेगी। अगर सरकार ने फसल पहले के तरह खरीद व भुगतान पहली के तरह नहीं किया तो मंडियों के साथ-साथ पूरा हरियाणा बंद किया जाएगा।
वहीं कलायत आढ़त एसोसिएशन प्रधान जयदीप राणा ने बताया कि इस ई-प्रणाली के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों ने अनाज मंडी बंद रखने का निर्णय लिया है। व्यापारी अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपेंगे।
वहीं अनाज मंडी एसोसिएशन चीका के प्रधान सुरेश प्रजापति ने कहा कि फसलों की ई-ट्रेडिंग और किसान के खाते में फसलों का सीधा भुगतान कर सरकार किसान व व्यापारियों का भाईचारा खराब कर रही है।