संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के चौथे दिन वीरवार को स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर दिखाई दिया। अल्ट्रासाउंड और मोतियाबिंद ऑपरेशन ठप रहे। चार दिनों की हड़ताल में अब तक करीब 10 मोतियाबिंद के ऑपरेशन नहीं हो सके हैं। यहां 35 डॉक्टर हड़ताल पर रहे जबकि काम पर तीन चिकित्सक लौट आए हैं।
अस्पताल में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। अस्पताल में एक भी अल्ट्रासाउंड नहीं किया गया था जबकि सामान्य दिनों में 18 से 20 अल्ट्रासाउंड होते हैं। हड़ताल के चलते मोतियाबिंद के ऑपरेशन भी स्थगित कर दिए गए, जो सामान्यतः रोजाना एक-दो किए जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग हड़ताल पर सख्त रुख अपनाए हुए है। विभाग ने हड़ताल पर गए सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी कर निर्देश दिया है कि वे तुरंत ड्यूटी पर लौटें, अन्यथा वेतन काटने से लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई तक विभागीय आदेशों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
वीरवार को 38 डॉक्टर हड़ताल पर थे, जिनमें से चार ने ड्यूटी जॉइन कर ली थी। अब 35 डॉक्टर हड़ताल पर हैं।
निजी सेंटरों में जाना मजबूरी
गांव सौंगल की पूनम देवी अल्ट्रासाउंड करवाने अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन हड़ताल की वजह से उन्हें वापस लौटना पड़ा। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में सेवा बंद होने के कारण उन्हें निजी अस्पताल जाकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ा।
कई दिनों से है पेट दर्द
राजकुमार, जिन्हें कई दिनों से पेट दर्द की शिकायत थी, डॉक्टर की सलाह पर अल्ट्रासाउंड करवाने अस्पताल आए थे। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड कक्ष पूरी तरह खाली मिला और अब उन्हें निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर जाना पड़ रहा है।
अस्पताल में अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। हड़ताल पर गए डॉक्टर भी धीरे-धीरे ड्यूटी पर लौट रहे हैं। सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया है और जो ड्यूटी जॉइन नहीं करेंगे उस पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन
डॉ. ललित बोले- दो प्रमुख मांगों में से एक को ही किया है स्वीकार
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. ललित जांगड़ा ने बताया कि हड़ताल को अब अनिश्चितकालीन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी दो प्रमुख मांगों में से केवल एक को स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एसएमओ की सीधी भर्ती रोकने संबंधी संशोधन पर सहमति जताई है, लेकिन संशोधित एसीपी संरचना की अधिसूचना पर अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इसी के चलते डॉक्टरों ने हड़ताल करने का निर्णय लिया है।
कलायत के तीनों डॉक्टर हड़ताल पर लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू
कलायत। नागरिक अस्पताल कलायत के तीनों नियमित डॉक्टरों की हड़ताल चौथे दिन वीरवार को भी जारी रही। इसके बावजूद जिला प्रशासन के वैकल्पिक तौर पर नियुक्त किए गए चिकित्सकों के सहयोग से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रहीं। ओपीडी के लिए कुल चार डॉक्टरों की तैनाती की गई, जबकि प्रवर चिकित्सा अधिकारी डॉ. किरण संधू ने भी स्वयं ओपीडी संभाली।
अस्पताल में 168 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई। हालांकि बाहरी क्षेत्रों से आए कुछ मरीजों ने कहा कि उन्हें डॉक्टर से मिलने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। मरीज रामेश्वर, जयनारायण, आरती सहित अन्य का कहना था कि प्रशासन द्वारा भेजे गए डॉक्टर कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के छात्र हैं या आयुष विभाग से हैं, जिनकी सेवाएं नियमित चिकित्सकों जितनी अनुभवी नहीं लगतीं। इसी कारण मरीजों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा। एसएमओ डॉ. किरण संधू ने बताया कि बुधवार को अस्पताल में एक आपातकालीन स्थिति भी आई, जिसे बिना किसी परेशानी के संभाल लिया गया। संवाद
नागरिक अस्पताल में ईलाज के लिए लाइन में लगी महिलाएं।- फोटो : udhampur news
नागरिक अस्पताल में ईलाज के लिए लाइन में लगी महिलाएं।- फोटो : udhampur news
नागरिक अस्पताल में ईलाज के लिए लाइन में लगी महिलाएं।- फोटो : udhampur news
नागरिक अस्पताल में ईलाज के लिए लाइन में लगी महिलाएं।- फोटो : udhampur news